हर्षवर्धन के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दाखिल

मुजफ्फरपुर (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- केंद्र सरकार के द्वारा कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क व हैंड सैनिटाइजर के प्रयोग के साथ-साथ सतर्कता बरतने की अपील भी की जा रही है इसके साथ ही मास्क व हैंड सैनिटाइजर की कमी व काला बाजारी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार के द्वारा इन्हें ‘आवश्यक वस्तु’ घोषित कर दिया गया है. जिससे इनकी काला बाजारी पर रोक लग सके और सभी को किफायती दामों पर उपलब्ध हो सकें. लेकिन हालत इसके विपरीत हैं देश में मास्क व हैंड सैनिटाइजर जैल की भारी कमी है और जहां उपलब्ध है वहां अधिक कीमत में इनकी कालाबाजारी की जा रही है.

अहियापुर के भीखनपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने मास्क व हैंड सैनिटाइजर जैल की कालाबाजारी नहीं रोकने के आरोप में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पूर्वी के कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है. कोर्ट के द्वारा परिवाद की सुनवाई के लिए 30 मार्च मुकर्रर की गयी है.

सामाजिक कार्यकर्त्ता तमन्ना हाशमी द्वारा दाखिल परिवाद में कहा है कि 17 मार्च की शाम विभिन्न समाचार चैनलों पर समाचार प्रसारित किया जा रहा था. इसमें कहा जा रहा था कि कोराना वायरस से बचाव के लिए देश में मास्क व हैंड सैनिटाइजर जैल की भारी कमी है. जिससे सरकार इसे जनता को उपलब्ध नहीं करा रही है. इससे कोरोना महामारी को रोका नहीं जा सकता है. जहां उपलब्ध है वहां दस गुना कीमत में कालाबाजारी किया जा रहा है. इससे आम जनता इसे खरीद नहीं पा रही है. तमन्ना हाशमी ने हर्षवर्धन पर आरोप लगाया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के द्वारा इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है.

“आवश्यक वस्तु अधिनियम” के तहत जारी आदेश के मुताबिक, केंद्र सरकार ने मास्क (2 प्लाई व 3 प्लाई सर्जिकल मास्क, एन95 मास्क) व हैंड सैनिटाइजर को 30 जून, 2020 तक आवश्यक वस्तु घोषित किया है. इस फैसले से केंद्र व राज्यों को मास्क व हैंड सैनिटाइजर के उत्पादन, गुणवत्ता व वितरण को नियमित करने का अधिकार मिलेगा. अधिनियम के तहत अपराध में सात साल तक की सजा का प्रावधान है.

 

 

 

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