लालू बिहार के सबसे बड़े जमींदार – सुशील मोदी

पटना (TBN रिपोर्ट) | राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के  73वें जन्मदिन पर 73 संपत्ति श्रृंखला का पोस्टर जारी किया गया था. वहीँ बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू की सम्पत्तियों को लेकर कहा कि बिहार के सबसे बड़े जमींदार लालू परिवार 73 नहीं 141 भूखंड, 30 फ्लैट व आधे दर्जन मकानों का मालिक है. मात्र 29 साल की उम्र में तेजस्वी यादव 52 से ज्यादा सम्पत्ति के मालिक कैसे बन गए, इसका जवाब वे आज तक नहीं दे पाए. राबड़ी देवी पटना शहर में 43 भूखंड के अलावा 30 से ज्यादा फ्लैट की मालकिन हैं. तेज प्रताप 28 सम्पत्ति के तो मीसा भारती 23 से ज्यादा सम्पत्तियों की मालकिन हैं.

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव को बताना चाहिए कि जब उनके पास कोई पुश्तैनी सम्पत्ति नहीं थी, इंटर की पढ़ाई भी नहीं कर पाए, क्रिकेट में भी विफल रहे तो आखिर तेजस्वी के पास ऐसी कौन सी योग्यता थी, जिसके चलते ये 52 सम्पत्ति के मालिक बन गए ?

सुशील मोदी ने कहा कि लालू परिवार द्वारा बनाई गई खोखा कम्पनियों की 30 ज्यादा सम्पत्तियां ईडी और इनकम टैक्स द्वारा जब्त की गई हैं. इनमें डिलाइट मार्केटिंग की 11, ए. के. इन्फोसिस्टम्स की 10, एब.बी. एक्सपोट्र्स की 1, मिशेल पैकर्स की 01 के अलावा राबड़ी देवी व हेमा यादव के नाम की 7 परिसम्पत्तियां बेनामी एक्ट, 1988 के तहत जब्त की गई है.

उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के पटना के 30 फ्लैट में से 8 फ्लैट एक ही दिन बालू माफिया सुभाष यादव एवं राजद के संदेश से विघायक व बलात्कार के मामले में आरोपित अरुण यादव ने 4 करोड़ 28 लाख का भुगतान कर खरीदा था.

मोदी ने कहा कि लालू यादव के रेलमंत्रित्व काल में रेलवे के दो होटलों को लीज पर देने के एवज में उनका परिवार डिलाइट मार्केटिंग कम्पनी का इस्तेमाल कर पटना के रूपसपुर में साढ़े तीन एकड़ जमीन का मालिक बना जिस पर तेजस्वी यादव 750 करोड़ की लागत से ‘बिगेस्ट माॅल ऑफ़ बिहार’ का निर्माण करा रहे थे. फेयर ग्रो नामक फर्जी कम्पनी के जरिए लालू परिवार टाटा स्टील के पटना स्थित गेस्ट हाउस का मालिक बन गया.