“कोई परिवार भूखा न सोए” – अब तक 20 हज़ार से अधिक लोगों को दिया खाद्य सामग्री

बगहा (TBN रिपोर्ट) | बिहार में लॉकडाउन के दौरान जिस तरह से गरीबों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों की मदद के लिए विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने मदद के हाथ आगे बढ़ाये थे. इसी क्रम में लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन में 70 वें दिन भी जारी कार्यक्रम “कोई परिवार भूखा न सोए” मुहिम के तहत चंपारण के सुदूरवर्ती पिछड़े इलाकों में उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक यादव की टीम पहुंची.

“कोई परिवार भूखा न सोए” मुहिम के तहत  यूपी और नेपाल सीमा से सटे पश्चिम चंपारण जिला के लौरिया, रामनगर समेत बगहा और वाल्मिकीनगर विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 20 हज़ार से अधिक लोगों में खाद्य सामग्री वितरण किया गया है और इसी मुहिम के तहत उद्योगपति और सामाजिक कार्यकर्ता दीपक यादव की टीम शनिवार को लौरिया रामनगर और बगहा होते थरुहट के गावों में पहुंची .

बीजेपी नेता और समाजसेवी दीपक यादव इसी मुहिम के तहत थरुहट की राजधानी हरनाटाड में भी एक हज़ार लोगों में खाद्य सामग्री वितरण करने खुद अपने टीम के साथ पहुंचे इस दौरान उन्होंने बताया कि उनका यह कार्यक्रम मुहिम बन गया है और डोर टू डोर लोगों को लगातार दिन रात एक कर महीने भर का राशन और जरूरत की चीजें मुहैया कराई जा रही हैं अब तक करीब बीस हज़ार परिवारों में  खाद्य सामग्री वितरित किए गए हैं .

बता दें कि बगहा तिरुपति चीनी मिल के एमडी और बीजेपी नेता दीपक यादव ने इस वैश्विक कोरोना महामारी और संक्रमण के दौर में हर संभव प्रयास कर लोगों के बीच खाद्य सामग्री पहुंचाने का प्रण लिया है ताकि कोई भी भूखा न रहे इसी कड़ी में थारू आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र हरनाटाड के स्वामी महादेवानंद जनजाति छात्रावास प्रांगण में एक साथ आज 6 पंचायतों से जुटे 1000 लोगों में खाद्य सामग्री का वितरण ख़ुद उनकी मौजूदगी में किया गया इसके पूर्व वे लगातार पिछले दिनों से नवलपुर, हरपुर, श्रीनगर और लौरिया योगापट्टी होते बगहा और रामनगर के इलाकों में राहत सामग्री वितरण कर थरुहट पहुंचे हैं .

इस अभियान और राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में दीपक यादव के साथ टीएसएल जीएम बीके त्रिपाठी, सैयद नईमुद्दीन अहमद पप्पू और रविकेश पाठक के साथ कई गणमान्य नागरिकों ने शामिल होकर सहयोग किया. 

इस कार्यक्रम को लेकर दीपक यादव ने कहा है कि जब तक ग़रीब और जरूरतमंद लोगों को जरूरत होगी तब तक ये मुहिम जारी रहेगी और राहत सामग्री पैकेट बांटते रहेंगे. आगे उन्होंने कहा कि 25-50 हज़ार लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है.

कोरोना संकट के बाद लॉकडाउन और उसके बाद अनलॉक 1 में  दीपक यादव के द्वारा शुरू की गयी इस मुहिम की सराहना स्थानीय ग्रामीण और गणमान्य लोग भी कर रहे हैं . ऐसी विषम परिस्तिथियों में “कोई परिवार भूखा न सोए” मुहिम के द्वारा लोगों को सहायता प्रदान की जा रही है जोकि वाकई में प्रशंसनीय है.