बिहारियों की वापसी पर कर्नाटक की BJP सरकार ने रची साजिश

पटना (TBN रिपोर्ट) | लॉकडाउन के दौरान बाहरी राज्यों में फंसे हुए बिहार के लोगों को वापस बिहार पहुंचाने लिए शुरू की गयी रेल सेवा को कर्नाटक में फिलहाल के लिए रोक दिया गया है.

इसको लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाते हुए कहा है कि कर्नाटक की बीजेपी सरकार ने वहां के उद्योगपतियों के साथ मिलकर बिहारी मजदूरों के खिलाफ बड़ी साजिश रची है.

तेजस्वी ने कहा कि बिहारी मजदूरों की घर वापसी को उद्योगपतियों के इशारे पर रोक दिया गया है और यह सब कुछ इसलिए हो रहा ताकि बिहारी मजदूर वहां बंधुआ मजदूर की तरह रहकर काम करते रहें.

तेजस्वी यादव ने कर्नाटक के सीएम पर आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक के उद्योगपतियों ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री से मिलकर अप्रवासी बिहारी श्रमवीरों की वापसी पर रोक लगवा दी. कर्नाटक की भाजपाई सरकार अप्रवासी बिहारी कामगारों के मानवाधिकारों और महामारी के दौर में बुनियादी सहानुभूति को धता बताते हुए उन्हें ज़बरदस्ती रोकने और बंधक बनाने का हुक्म जारी नहीं कर सकती है.

तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहारी भाईयों को बंधुआ मजदूर या गुलाम मानने की भाजपाई सरकार की कोई भी हरकत बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. केंद्र सरकार, कर्नाटक सरकार और बिहार सरकार जहां तीनों जगह भाजपा की सरकार है, वहां से जो मज़दूर बिहार आना चाहते है, उनके लिए नियमित ट्रेनों का संचालन करें.

 पूरे बिहार की ओर से कर्नाटक सरकार को एक कठोर संदेश भेजने के लिए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध किया है और कहा है कि मुश्किल की घड़ी में पूँजीपतियों ने पिछले 40 दिनों तक गरीबों को अपने हाल पर छोड़ अमानवीय बर्ताव किया है. उन्हें वेतन, भोजन और रहने के लिए किराया तक नहीं दिया जा रहा है. पहले तो उन्हें बोझ समझा और अब व्यापार और उत्पादन शुरू करने के लिए उन्हें घर वापस जाने से रोका जा रहा है.