कांग्रेस में शामिल हुए कन्हैया, कहा कांग्रेस सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी

नई दिल्ली / पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) मंगलवार को नई दिल्ली में AICC मुख्यालय में पार्टी नेता राहुल गांधी की उपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हो गए. जबकि गुजरात के दलित नेता और गुजरात से निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी तकनीकी कारणों से कांग्रेस पार्टी में शामिल नहीं हो सके. हालांकि उन्होंने पार्टी को अपना समर्थन दिया.

कन्हैया और जिग्नेश मेवानी ने स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह की 114 वीं जयंती पर मंगलवार को शहीद-ए-आजम भगत सिंह पार्क, आईटीओ, दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की.

कन्हैया कुमार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य थे, जो पार्टी की एक शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था थी, जबकि मेवाणी गुजरात के वडगाम निर्वाचन क्षेत्र से एक स्वतंत्र विधायक और राष्ट्रीय दलित अधिकार मंच (RDAM) के संयोजक हैं.

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार ने 2019 के आम चुनाव में बिहार की बेगूसराय लोकसभा सीट से केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ भी चुनाव लड़ा था. तब से उन्होंने लो प्रोफाइल बनाए रखा है.

दूसरी ओर, मेवाणी ने 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में आरक्षित वडगाम विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी. कांग्रेस ने वडगाम निर्वाचन क्षेत्र में मेवाणी के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारा.

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इससे पहले कांग्रेस सूत्रों ने कहा था कि आने वाले दिनों में कुछ और युवा नेता पार्टी में शामिल होंगे. कांग्रेस के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों के खिलाफ कन्हैया कुमार और मेवाणी युवाओं से जुड़ने के अभियान का हिस्सा हो सकते हैं.

बता दें, इस साल की शुरुआत में जितिन प्रसाद और सुष्मिता देव ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. प्रसाद भाजपा में शामिल हो गए और अब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, जबकि देव तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का हिस्सा बने और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए.

कांग्रेस महासचिवों ने किया स्वागत

मंगलवार को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने वाले भाकपा नेता और जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार का महासचिव केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला ने आधिकारिक रूप से स्वागत किया.

यह घटनाक्रम अगले साल सात राज्यों गुजरात, उत्तर प्रदेश, मणिपुर, गोवा, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले आया है. इन दोनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने की खबर आज सुबह पार्टी नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में मिलने के बाद आई.

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पार्टी में शामिल होने के बाद कन्हैया कुमार ने कहा, “मैं कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं क्योंकि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं है, यह एक विचार है. यह देश की सबसे पुरानी और सबसे लोकतांत्रिक पार्टी है और मैं ‘लोकतांत्रिक’ पर जोर दे रहा हूं … सिर्फ मुझे ही नहीं, कई लोग ऐसा सोचते हैं. कांग्रेस के बिना देश नहीं चल सकता…”

कन्हैया के कहा कि कांग्रेस पार्टी एक बड़े जहाज की तरह है, अगर इसे बचाया जाता है, तो मेरा मानना ​​​​है कि कई लोगों की आकांक्षाएं, महात्मा गांधी की एकता, भगत सिंह की हिम्मत और बीआर अंबेडकर के समानता के विचार की भी रक्षा की जाएगी. इसलिए मैं इसमें शामिल हुआ हूं…”.

वहीं मेवाणी ने कहा कि देश एक अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा है. मैं इस सबसे पुरानी पार्टी को एक राजनेता के रूप में नहीं बल्कि एक भारतीय के रूप में समर्थन करता हूं. मैं यहां भारत के विचार की रक्षा के लिए हूं. हालांकि, तकनीकी कारणों से, क्योंकि मैं एक स्वतंत्र हूं विधायक, मैं पार्टी में शामिल नहीं हुआ हूं.”