बिहार उपचुनाव में कन्हैया और तेजस्वी होंगे एक दूसरे के सामने, होगी दोनों की अग्नि परीक्षा

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| कांग्रेस के द्वारा अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी करते ही यह तय हो गया है कि अब तेजस्वी यादव और कन्हैया कुमार उपचुनाव के प्रचार में एक-दूसरे के सामने होंगे. अब बिहारी जनता इन दोनों युवा नेताओं की टक्कर इस उपचुनाव में देखेंगे.

बता दें, कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों में लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार व कन्हैया कुमार के अलावे शत्रुघ्न सिन्हा, भक्त चरण दास, मदन मोहन झा, तारिक अनवर, अजीत शर्मा, सांसद अखिलेश सिंह, डॉ अनिल शर्मा, निखिल कुमार शामिल हैं. इन सबों में सबसे अधिक गहगमागहमी कन्हैया कुमार के नाम को लेकर है जो उपचुनाव में दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए तेजस्वी के खिलाफ वोट मांगेंगे.

कहा जा रहा है, 2020 के चुनाव में प्रचार के लिए बिहार जाने से कन्हैया कुमार को रोका गया था और यही कन्हैया के मन में एक कसक के रूप में रह गई. इसके लिए लालू प्रसाद यादव के पुत्र व राजद नेता तेजस्वी यादव के दबाव को कारण माना जा रहा है. तेजस्वी के दबाव के चलते ही कन्हैया कुमार का दौरा बिहार में नहीं करवाया गया. सीपीआई से कन्हैया कुमार की नाराजगी का एक बड़ा कारण इसे भी माना गया था. माना जा रहा है कि कन्हैया कुमार के सीपीआई छोड़ कांग्रेस जॉइन करने की एक बड़ी वजह यह भी रही.

कन्हैया के मन में इस बात की टीस है कि पिछले लोकसभा चुनाव में बेगूसराय सीट से सीपीआई के कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद ने तनवीर हसन को उतार दिया था. सीपीआई और आरजेडी की लड़ाई के चक्कर में बीजेपी के गिरिराज सिंह ने उस सीट पर बड़ी मार्जिन से जीत हासिल की थी.

दरअसल बात यह थी कि यदि कन्हैया कुमार जीत जाते और मेन स्ट्रीम में आ जाते तो महागठबंधन का सीएम पद के दावेदार तेजस्वी यादव का तेज कम हो जाने का डर था. इसके चलते भाकपा पर दबाव बनाते हुए वहां राजद ने अपना उम्मीदवार उतार दिया था.

उपचुनाव में होगी दोनों की अग्नि परीक्षा

मन में बेगूसराय सीट की कसक रखते हुए कन्हैया कुमार ने सीपीआई छोड़ कांग्रेस पार्टी जॉइन कर ली है. तेज तर्रार युवा नेता कन्हैया कुमार अब बिहार में होने वाले उप-चुनाव में कांग्रेस की ओर से दोनों क्षेत्रों की जनता को संबोधित करेंगे. उधर, आरजेडी के स्टार प्रचारक तेजस्वी यादव भी आरजेडी के लिए जनता के रूबरू होंगे. ऐसे में दोनों पार्टियों के स्टार प्रचारकों की अग्निपरीक्षा बिहार की जनता देखने वाली है.

दूसरी ओर, कन्हैया के कांग्रेस की तरफ से चुनाव प्रचार में आ जाने से आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव कुछ चिंतित जरूर हैं. उनके मन में यह बात जरूर खटक रही है कि कन्हैया कुमार के चुनाव प्रचार में आने से भाजपा, जदयू के खिलाफ कांग्रेस की ताकत बढ़ेगी. साथ ही आरजेडी को भी नुकसान हो सकता है.

सोनिया गांधी की यह सहमति बिहार की राजनीति के लिए यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है. इस उप-चुनाव के परिणाम तीन नवंबर को घोषित कर दिए जाएंगे, लेकिन राजनीतिक के जानकार मानते हैं कि नतीजा चाहे जो भी हो अगर तेजस्वी और कन्हैया एक दूसरे के सामने आ गए तो यह बिहार कांग्रेस की राजनीति के लिए बड़ा शिफ्ट है और कांग्रेस अपनी लंबी प्लानिंग के तहत ही आगे बढ़ रही है.

तेजस्वी के सामने किसी को आगे बढ़ते देखना नहीं चाहते लालू

जानकारों का कहना है कि लालू यादव नहीं चाहते थे कि तेजस्वी और कन्हैया का आमना-सामना हो. लालू के अनुसार तेजस्वी यादव के सामने कन्हैया कुमार एक बड़ी चुनौती हैं. इसी कारण वे भी अब इस उप-चुनाव में अपनी पार्टी आरजेडी की तरफ से प्रचार करने जा सकते हैं और अपने प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांग सकते हैं.

राजनीतिक गलियारों की बात करें तो चर्चा में यह है कि लालू किसी भी कीमत पर तेजस्वी के सामने एक युवा नेता को विकसित होते नहीं देखना चाहते हैं. लालू को इस बात का डर है कि कन्हैया तेजस्वी के लिए चुनौती बन सकते हैं. इस कारण से भी पिछली बार लोकसभा चुनाव में बेगुसराय सीट पर कन्हैया के खिलाफ आरजेडी ने अपना उम्मीदवा खड़ा कर दिया था.

30 अक्टूबर को होने वाले इस उप-चुनाव में कांग्रेस ने दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. और इन सबमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति है.

लेकिन वर्तमान समय में राजनीतिक स्थितियां बदल चुकी हैं और कन्हैया के कांग्रेस में शामिल होने के बाद देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को एक नई ऊर्जा मिली है और मनोबल ऊंचा हो गया है. अब कांग्रेस आरजेडी की अगुवाई में काम नहीं करना चाहती है.

कन्हैया कुमार के कांग्रेस में एंट्री के बाद राजद के सामने कठिन चुनौती सामने आ रही है. कांग्रेस के नेता अब यह कहते नजर आ रहे हैं कि हर पार्टी को अपना रास्ता और नेता चुनने के साथ ही खुद को बढ़ाने का भी अधिकार है.

इन सभी कारणों से अब यह स्पष्ट हो रहा है कि तेजस्वी यादव और कन्हैया कुमार के बीच संभावित राजनीतिक लड़ाई बिहार की जनता के लिए काफी दिलचस्प होने वाली है. अब राज्य की जनता दो युवा नेताओं के बीच होने वाले टक्कर को 30 अक्टूबर को होने वाले उप-चुनाव के पहले देखेगी.