5 वर्षों में स्किल इंडिया मिशन ने जीवन को बदलने का दिया मौका

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) | भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 15 जुलाई 2015 को स्किल इंडिया मिशन का शुभारम्भ किया गया. इस मिशन का लक्ष्य देश के युवाओं को कुशल बनाकर उनके लिए गावं एवं शहरों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है. वर्ष 2016 में इसी मिशन के तहत ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरुआत भी की गई थी.

स्किल इंडिया मिशन की स्थापना के पांच साल पूरे होने के अवसर पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा है कि हमेशा से स्किल इंडिया मिशन का एक ही लक्ष्य रहा कि देश के युवाओं को कौशल प्रदान करके अपने जीवन को बदलने का मौका दिया जाये. आगे उन्होंने कहा है कि पिछले 5 वर्षों में ऐजाज़ अहमद दर की तरह कई और युवाओं ने भी इसी तरह अपने सपनों को साकार किया है.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत, पिछले 5 वर्षों में, स्किल इंडिया मिशन ने अपने नियंतर प्रयास से, देश के कुल 92 लाख उम्मीदवारों को लगभग 37 क्षेत्रों के 250+ जॉब रोल्स में प्रशिक्षित किया है.

मंगल पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इस अवसर पर कहा है कि कैसे एक खास स्किल सेट के साथ गांव पहुंचे लोगों ने, गांव का कायाकल्प करना शुरू कर दिया है. युवाओं के द्वारा कौशल दिखाते हुए स्कूल को पेंट करवाया जा रहा है, तो कोई नई नई डिजाइन के घर बनवा रहा है.

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया है कि स्किल इंडिया मिशन की स्थापना के 5 साल पूरे होने के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा है कि तेजी से बदलती हुई आज की दुनिया में अनेक सेक्टरों में लाखों स्किल्ड लोगों की जरूरत है. विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं में तो स्किल्ड लोगों की बहुत बड़ी संभावनाएं बन रही हैं. इसको देखते हुए अब कौशल विकास मंत्रालय ने दुनिया भर में बन रहे इन अवसरों की मैपिंग की शुरुआत भी कर दी है.