2024 में सभी वामपंथी व धर्मनिरपेक्ष ताकतें पीएम मोदी के खिलाफ आएंगी एक साथ: येचुरी

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| गुरुवार को राजधानी पटना के गांधी मैदान में सीपीआई-एम (CPI-M) की केन्द्रीय कमिटी के आह्वान पर पार्टी बिहार राज्य कमिटी द्वारा एक रैली का आयोजन किया गया. इस रैली में देश में आसमान छूती मंहगाई, बेरोजगारी, बढ़ती आर्थिक असमानता एवं देश् के धर्मनिरपेक्ष, जनतांत्रिक, गणतंत्र को बदलने की आर.एस.एस-भाजपाई साजिश के खिलाफ आवाज उठाई गई. इसमें राज्य के कोने-कोने से आये लगभग 50 हजार किसान, खेतिहर मजदूर, छात्र, नौजवान, एवं महिलायें शामिल हुई.

रैली को संबोधित करते हुये पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव सीताराम येचूरी (Sitaram Yechury) ने कहा कि इन्द्रप्रस्थ का रास्ता पाटलीपुत्र से ही होकर जाता है.

उन्होंने मोदी सरकार (Modi government) के शासन के 8 वर्षो की अवधि की चर्चा करते हुये कहा कि यह शासन देश के लिये एक त्रासदी है. उन्होंने ‘हम’ की व्याख्या करते हुये कहा कि ‘ह’ का मतलब हिन्दु और ‘म’ का मतलब मुसलमान है. और जब यह मिलकर काम करता है, तो उससे पूरा हिन्दुस्तान बनता है. मोदी सरकार ‘ह’ और ‘म’ के बीच विभाजन पैदा कर देश के धर्मनिरपेक्ष जनतांत्रिक गणतंत्र का चरित्र बदलने की साजिश में लगी हुई है.

उन्होंने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का नमूना पेश करते हुये कहा एक दिन पहले बेदान्ता कम्पनी को 80 हजार करोड़ रूपयों की सब्सिडी दी गयी है जबकि यह सरकार पूरे देश के मनरेगा कार्यक्रम पर मात्र 72 हजार करोड़ खर्च करती है. मंहगाई और बेरोजगारी जैसे विकराल होती समस्या के समाधान के लिये इस सरकार की कोई योजना नहीं है. जबकि सरकारी खर्च बढ़ाकर आधारभूत संरचानाओं को खड़ा किया जा सकता है, और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि देश के 18 से 30 वर्ष के नौजवानों के 42 प्रतिशत हिस्सों के पास कोई रोजगार नहीं है.

बिहार के राजनीतिक परिवर्तन का किया स्वागत

उन्होने बिहार में हाल में हुये राजनीतिक परिवर्तन का स्वागत करते हुये कहा कि यह घटना पूरे देश की राजनीति को प्रभावित कर रहा है और आने वाले समय में मोदी सत्ता के खिलाफ एक व्यापक एकता कायम होगी उन्होंने सभा में शामिल लोगों को “भारत बचाओ मोदी भगाओ” नारा लगाने का आह्वान किया और इस नारे को 5 बार लगाते हुये अपना भाषण समाप्त किया.

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इस रैली में पार्टी के पोलिट ब्यूरो सदस्य एवं किसान आंदोलन के प्रमुख नेता अशोक धावले ने बिहार की संघर्षषील परम्परा की याद दिलाते हुये कहा कि जैसे 70 के दशक में आपातकाल के खिलाफ जय प्रकाश नारायण के नेतृत्व में लड़ाई की शुरूआत हुई और जनतंत्र की पुनर्वापसी हुई, उसी तरह इस बार भी बिहार ने अलग रास्ता दिखाया है.

केन्द्र की जनविरोधी कारपोरेट परस्त नीतियों की बखिया उधेड़ते हुये उन्होनें कहा कि किसानों, खेतिहर मजदूरों की स्थिति बद से बदतर हुयी है. एक ओर जहां बड़े पूंजीपतियों की पूँजी में भारी इजाफा हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम लोग मंहगाई, बेरोजगारी की मार से पीड़ित है. उन्होंने बिहार की आम श्रमजीवी जनता का आह्वान करते हुये कहा कि आगामी संसदीय चुनाव में हर सीट पर भाजपा की जमानत जब्त होनी चाहिये.

सभा को राज्य सचिव ललन चौधरी, केंन्द्रीय कमिटी सदस्य अवधेश कुमार सचिव मंडल सदस्य सर्वोदय शर्मा, अरूण कुमार मिश्र, राजेन्द्र सिंह, अहमद अली, रामपरी, श्याम भारती, भोला दिवाकर, संजय कुमार आदि ने सम्बोधित करते हुए जनसंघर्षों को तेज करने का आह्वान किया. मंच पर विधायक सत्येंद्र यादव, पटना जिला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी भी मौजूद थे.

सभा की शुरूआत जनवादी सांस्कृतिक मंच के क्रांतिकारी गीतों से हुआ और इस संगठन के सचिव मुन्ना प्रसाद ने जन गीतों से सभा में उपस्थित लोगों में जोश भरने का काम किया. मनोज कुमार चन्द्रवंशी, शैलेन्द्र कुमार, धनंजय एवं आनन्द के नेतृत्व में छात्र एवं युवा कार्यकत्ताओं ने रात-दिन काम कर सभा को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पार्टी राज्य कमिटी तमाम साथियों का क्रांतिकारी अभिनन्दन करती है. सभा की अध्यक्षता पार्टी के राज्य सचिवमंडल सदस्य एवं विधायक दल के नेता अजय कुमार ने की.