नैतिकता बची हो तो नेता प्रतिपक्ष का पद अस्वीकार करें तेजस्वी – सुशील मोदी

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि यदि उनमें (तेजस्वी में) नैतिकता बची हो तो उन्हें नेता प्रतिपक्ष का पद स्वीकार नहीं करें. सोमवार को वे भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित विधानमंडल दल की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे.

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है. मेवालाल चौधरी का मामला सामने आने पर उन्होंने अविलम्ब मंत्री पद से इस्तीफा दिया. आईआरसीटीसी घोटाले के आरोपी तेजस्वी यादव में अगर नैतिकता हो तो नेता प्रतिपक्ष का पद स्वीकार करने से इनकार कर दें.

मोदी ने कहा कि तेजस्वी यादव को लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास नहीं है, इसीलिए कम वोटों से हारने का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ रहे हैं जबकि हकीकत है कि 11 से ज्यादा सीटों पर एनडीए के उम्मीदवारों की हार 2 हजार से कम जिनमें मटिहानी 333, डेहरी 464 वोट, कुढ़नी 712 और बखरी में 777 वोट से हुई है.

उन्होंने भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों से कहा कि हम दुनिया को दो आंखों से देख रहे हैं मगर ध्यान रखें, हजारों आंखें हमको देख रही हैं. हमारी इस जीत में हजारों कार्यकर्ताओं, समर्थकों का महत्वपूर्ण योगदान है. जीतने वाला समझता है कि उसके कारण जीत हुई है, जबकि हारने वाला दूसरों पर दोषारोपण करता है.

सुशील मोदी ने बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों को सुझाव दिया कि विधानसभा सत्र के बाद ‘धन्यवाद यात्रा’ पर निकलें. जिन गांवों में चुनाव प्रचार के दौरान नहीं जा पाए हैं, वहां सबसे पहले जाएं, सभी पंचायतों में जाएं और सभी का जिसने वोट दिया, जिसने नहीं दिया का आभार व्यक्त करें.

मोदी ने सुझाव दिया कि शादी-विवाद, श्राद्ध आदि किसी भी आमंत्रण को विधायक नहीं छोड़े तथा अपना मोबाइल हमेशा ऑन रखें तथा घर या कार्यालय में दो घंटे मिलने की जगह तय करें. आम लोगों के लिए मिल कर समस्या बताने की व्यवस्था करें. उन्होंने हिदायत दी कि अपनी सभी गतिविधियों से घर, परिवार, रिश्तेदारों व बेटा आदि को दूर रखें.