बिहार में कोरोना से ज्यादा मौतें भूखमरी और सड़क हादसों में हुई हैं – पप्पू यादव

पटना (TBN डेस्क) | लॉकडाउन के दौरान लोगों को होने वाली समस्याओं और मजदूरों के विभिन्न मुद्दों को लेकर बिहार की नीतीश सरकार पर सभी राजनीतिक दल लगातार हमले कर रहे हैं. इसी क्रम में जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने लॉकडाउन के चलते अन्य राज्यों फंसे हुए मजदूरों को बिहार लाने में देरी करने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा है.

पप्पू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार, बिहार की जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी. लाखों गरीब मजदूर सड़क पर भूखे पैदल चल रहे हैं. बिहार में जितनी मौतें कोरोना वायरस महामारी से नहीं हुई है उससे ज्यादा मौतें भूखमरी और सड़क हादसों में हुई हैं. मजदूरों को बिहार नहीं लाया जा रहा है क्योंकि सरकार को क्वारंटाइन सेंटर में उनके रहने और खाने का इंतजाम करना पड़ेगा.

पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के अनुसार लॉकडाउन के बाद बेरोजगारी दर 23 फीसदी तक पहुंच गया है. जबकि लॉकडाउन के पहले यह सिर्फ 8 फीसदी था. दो महीने में बेरोजगारी दर तीन गुना बढ़ गया है.

जाप अध्यक्ष पप्पू यादव ने कहा कि पहले तीन लॉकडाउन पर सारे निर्देश केंद्र सरकार जारी करती रही. अब जब स्थिति नहीं संभली तो सब कुछ राज्य सरकारों पर छोड़ दिया गया है. ताकि बाद में दोषारोपण राज्यों पर किया जा सकें

पप्पू यादव ने कहा कि गरीबों को चना और दाल नहीं मिल रहा हैं. मकान मालिक किराए के लिए दबाव बना रहे हैं, बिल न भरने पर पानी और बिजली काट दी जा रही है. फैक्ट्री मालिक और कॉन्ट्रैक्टर मजदूरों का बकाया पैसा नहीं दे रहे हैं. सरकार ने इन सब पर अपनी आंखें मूंद ली है और झेलना आम जनता को पड़ रहा है.

पूर्व सांसद पप्पू यादव ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पन्न इस विपरीत परिस्थिति का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और लूट जारी है. जबरदस्ती मजदूरों से 8 की जगह 12 घंटे काम करवाया जा रहा हैं