3 महीने की बिजली बिल माफ़ करे सरकार – AAP

पटना (TBN रिपोर्ट) | कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन घोषित होने से लोगों के धंधे रोजगार चौपट हो चुके हैं. सरकार के द्वारा भले ही लोगों के स्वास्थ्य और कोरोना से बचाव की दृष्टि से लॉकडाउन लागू करने का फैसला सही हो लेकिन कारोबार बंद हो जाने का असर लोगों के आर्थिक हालात पर पड़ा है.

दिहाड़ी मजदूरों और रोज़मर्रा के काम करके परिवार का पेट पालने वालों के जीवन पर  लॉकडाउन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है. लोगों के काम बंद हो जाने से आय के श्रोत खत्म हो गए. इसको देखते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव श्रीवत्स पुरुषोत्तम ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर लोगों के 3 महीने के बिजली के बिल माफ़ करने की मांग की है.

आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव श्रीवत्स पुरुषोत्तम ने कहा है कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन से लोगों का व्यापार ठप पड़ा है, उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है. वहीं, केंद्र सरकार ने बिहार के बिजली कंपनियों को बेलआउट पैकेज दिया है, जिसका सीधा लाभ बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए और तीन महीने का बिजली बिल माफ किया जाना चाहिए.

 श्रीवत्स ने बताया कि पिछले दो माह से पूरा बिहार कोरोना महामारी से जूझ रहा है, लोगों के रोजगार छिन गए हैं, जीविका के सारे साधन ठप पड़ गए हैं, हजारों की संख्या में लोग बेघर हो गए हैं और यही नहीं लाखों की संख्या में लोगों को भूखमरी का शिकार होना पड़ रहा है. उसके बावजूद बिहार सरकार का प्रदेश की जनता पर कोई ध्यान नहीं है. राज्य की जनता त्राहिमाम कर रही है. गैर राशन कार्डधारी गरीब परिवारों को राज्य सरकार अब तक मुठ्ठी भर राशन उपलब्ध नहीं करवा पाई है.

वहीं पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता बबलू प्रकाश ने कहा कि कोरोना के कारण 23 मार्च से बिहार में लॉकडाउन है. छोटे उद्योग और फैक्ट्रियां बंद पड़े हैं, निर्माण गतिविधि निलंबित हैं, रेस्तरां कॉमर्सियल बिल्डिंग की दुकानों का शटर डाउन हैं. गरीब किसान और निम्मन मध्यम वर्ग के लोगों की आय का जरिया बंद हो गया है, ऐसे में वे लोग बिजली बिल का भुगतान कहां से करेंगे ? संकट के इस घड़ी में 23 मार्च से 31 जुलाई तक का मीटर रेंट सहित बिजली बिल को राज्य सरकार माफ करें.

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