आजपारा ने जारी की उम्मीदवारों की सूची, कहा – भाजपा को पड़ेगा भुगतना

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार विस चुनाव 2020 अब काफी नजदीक है. सभी राजनीतिक पार्टियों ने देर सवेर अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करना शुरू कर दिया है. प्रथम चरण के मतदान के लिए कल यानि 8 अक्टूबर (शुक्रवार) को नामांकन की आखिरी तारीख है. इसी के मद्देनजर आम जनता पार्ट राष्ट्रीय ने भी अपने 31 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है.

गुरुवार को आम जनता पार्टी राष्ट्रीय ने राजधानी पटना के एक होटल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रथम चरण के लिए अपने 31 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी. पार्टी ने प्रथम चरण में जिन 31 उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है, वे इस प्रकार हैं – बेलहर, बांका, सूर्यगढ़ा, लखीसराय, गया टाउन, बेलागंज, गुरुवा, टिकारी, सुल्तानगंज, धोरैया, चकाई, झाझा, सिकंदरा, हिसुआ, रजौली, गोविंदपुर, सिरदला, तारापुर, जमालपुर, ओबरा, रफीगंज, नवीनगर, औरंगाबाद, कुर्था, अरवल, संदेश, तरारी, काराकाट, नोखा, चैनपुर और रामगढ़.

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विद्यापति चंद्रवंशी ने इन प्रत्याशियों के लिस्ट की घोषणा करते हुए कहा कि इस लिस्ट में 45% अति पिछड़ा, 30% पिछड़ा वर्ग, 10% अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, 5% महिला एवं 10% सवर्णों को जगह दी गई हैं.

उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करते हुए विद्यापति चंद्रवंशी ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 एक ऐतिहासिक चुनाव होगा क्योंकि एक तो यह चुनाव कोरोना काल में हो रहा है. उन्होंने कहा कि अब समय करवट ले रहा है क्योंकि जेपी आंदोलन के सभी नेता अपने उम्र के हिसाब से राजनीति के अंतिम पड़ाव में आ गए हैं.

चंद्रवंशी ने कहा कि जितना उलटफेर इस चुनाव में देखने को मिल रहा है, उतना शायद इससे पहले कभी नहीं हुआ था क्योंकि लगभग सारे राजनीतिक दल जाति को आधार बनाकर चल रहे हैं. उन्होंने युवा वर्ग से जाति के आधार पर वोट नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर वोट मिलने से पार्टी ये समझती हैं कि हम विकास करें या ना करें, हमारी जाति के लोग हमें वोट करेंगे. उन्होंने कहा कि इस तरह से जनता का भला नहीं हो सकता.

चंद्रवंशी ने कहा कि बीजेपी मुकेश साहनी अति पिछड़ों का नेता कैसे बता रही है. उन्होंने बुधवार को आयोजित वीआईपी एवं बीजेपी के संयुक्त प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बयान पर ऐसा कहा. उन्होंने बताया कि एक तरफ सुशील मोदी मुकेश सहनी को अति पिछड़ों का नेता बताया रहे हैं, जबकि सहनी अपने आप को निषाद समाज का प्रतिनिधि बताया रहे हैं. मालूम हो, इस प्रेसवार्ता में मुकेश सहनी ने कहा था कि वे निषाद समाज के आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे हैं.

चंद्रवंशी ने उपमुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि मुकेश सहनी को वे अति पिछड़ा का नेता बताकर बाकी अति पिछड़ों में सम्मिलित मुख्य जातियों को नजरअंदाज कर रहे हैं. यदि इसी तरह अन्य जातियों को भी, जो अति पिछड़ा में सम्मिलित है। भाजपा द्वारा नजर अंदाज किया जाएगा तो, इसका परिणाम भाजपा को इस चुनाव में भुगतना पड़ेगा.