चुनाव आयोग की घोषणा के बाद भी ज्यादातर नेता फिलहाल नहीं चाहते हैं चुनाव

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कभी हां तो कभी ना की स्थिति लगातार बनी हुई है. हालांकि चुनाव आयोग ने यह साफ कहा है कि चुनाव समय पर होंगे. इसके बावजूद बीजेपी ने अपने इंटरनल सर्वे में यह पाया था कि ज्यादातर नेताओं ने चुनाव ना कराने पर अपनी सहमति जताई थी. वहीं आरजेडी के नेता भी साफ कहते हैं कि चुनाव अभी कराएं या बाद में कराएं सत्तारूढ़ दल और एनडीए को करारी हार मिलनी तय है.

बीजेपी के सर्वे में ज्यादातर नेताओं ने जताई असहमति

बिहार में दोहरी त्रासदी चल रही है. एक कोरोना महामारी की, तो दूसरी बाढ़ की त्रासदी की. ऐसे में आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं. सभी पार्टियों में असमंजस है कि चुनाव समय पर होंगे या इसे टाला जाएगा. हालांकि अब तक चुनाव आयोग ने चुनाव समय पर कराने की बात कही है. इसी बीच बीजेपी ने अपने क्षेत्रीय बैठकों के दौरान अपने नेताओं के सामने एक इंटरनल सर्वे किया था. जिसमें पार्टी के ही जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और जिला पदाधिकारी को अपनी राय देनी थी. इसमें ज्यादातर नेताओं ने अभी कोरोना और बाढ़ का हवाला देते हुए चुनाव टालने की बात कही थी. इस बात को बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सरकार में कृषि मंत्री प्रेम कुमार भी मानते हैं. लेकिन अगले ही पल वह कहते हैं कि चुनाव आयोग यदि चुनाव कराएगा तो हम लोग तैयार हैं. वैसे प्रेम कुमार मानते है कि अभी ढाई महीने का वक्त बाकी है. तब तके स्थिति कंट्रोल में आ जायेगी.

RJD का बयान

बीजेपी के नेता और मंत्री प्रेम कुमार यह भी कहते हैं कि पार्टी में लोकतंत्र है. सभी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है, लिहाजा सब ने अपनी अपनी बात रख दी है. आलाकमान तय करेगा कि करना क्या है. बीजेपी के ज्यादातर नेताओं के चुनाव पर असहमति को लेकर आरजेडी तंज कस रही है. आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी कहते हैं कि चुनाव अभी हो या बाद में हो बीजेपी और एनडीए के घटक दलों को हार का मुंह देखना होगा. वो यह भी कहते हैं कि जब बीजेपी के जमीनी नेताओं ने चुनाव से इंकार कर दिया है तो फिर बीजेपी के बड़े नेता बढ़ चढ़कर क्यों बोल रहे हैं.

सभी दलों की निगाहें चुनाव आयोग पर

बिहार में चुनाव को लेकर कभी हां और कभी ना की स्थिति बनी हुई है. सभी नेता और सभी दल अपनी अपनी तैयारी तो कर ही रहे हैं. लेकिन उनकी निगाहें लगातार चुनाव आयोग पर भी टिकी रहती हैं कि चुनाव आयोग क्या फैसला लेता है. हालांकि पक्ष और विपक्ष दोनों नेता इस बात को मानते हैं कि बिहार में कोरोना महामारी ने इतना पैर पसार लिया है कि चुनाव कराना असंभव है. बाढ़ को लेकर 16 जिले प्रभावित हैं ऐसे में ऐसे में अगले एक-दो महीने में चुनाव कराना असंभव है. लिहाजा अभी तक चुनाव आयोग ने तो चुनाव से इनकार नहीं किया है लेकिन आयोग भी बाढ़ और कोरोना को लेकर पैनी निगाह बिहार पर रखे हुए हैं.

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