किसी को भी भारत बंद में शामिल होने के लिए नहीं करें मजबूर – किसान संघ

सिंघु (दिल्ली-हरियाणा) बॉर्डर [TBN – The BIhar Now डेस्क] | किसान यूनियन ने सोमवार को किसानों से आग्रह किया कि वे 8 दिसंबर को ‘भारत बंद’ के आह्वान में शामिल होने के लिए किसी को बाध्य न करें.

भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू-राजेवाल) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने दिल्ली-हरियाणा राज्य सीमा पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हम किसानों से अपील करते हैं कि वे किसी को भी भारत बंद का पालन करने के लिए मजबूर न करें. लोग हमारे आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं. यहां तक ​​कि रेलवे के लोग भी बंद का समर्थन करेंगे. चार राज्यों के कारोबारी हमारे साथ हैं. हमें यह बताने की जरूरत नहीं है कि कल “भारत बंद” है”.

राजेवाल ने कहा कि पूर्ण भारत बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं की अनुमति दी जाएगी. किसान यूनियन ने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को मंच पर नहीं आने दिया जाएगा.

किसान नेता डॉ० दर्शन पाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि कल पूरे दिन बंद रहेगा. चक्का जाम दोपहर 3 बजे तक चलेगा. यह एक शांतिपूर्ण बंद होगा. हम अपने मंच पर किसी भी राजनीतिक नेता को अनुमति नहीं देने पर दृढ़ हैं.”

आप ये भी पढ़ें – जुड़वा बहनों ने एक साथ किया एमबीबीएस एन्ट्रन्स क्वालीफाई

राजेवाल ने दोहराया कि सरकार को किसानों की मांगों को स्वीकार करना होगा और कहा, “हम नए विधान कानूनों को वापस लेने से कम कुछ नहीं चाहते हैं.”

केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों के विरोध में विपक्षी दलों ने 8 दिसंबर को भारत बंद के आह्वान पर अपना समर्थन दिया है.

तीन नवगठित कृषि कानूनों के खिलाफ 26 नवंबर से हजारों किसान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ये कानून हैं – किसान व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020 [Farmers’ Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Act, 2020], मूल्य पर किसान (सशक्तीकरण और संरक्षण) समझौता एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेज एक्ट, 2020 [Farmers (Empowerment and Protection) Agreement on Price Assurance and Farm Services Act, 2020] और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 [Essential Commodities (Amendment) Act, 2020].

आप ये भी पढ़ें – भारत बंद: जानिए क्या खुला रहेगा और क्या रहेगा बंद

बता दें की किसान नेताओं ने सरकार के साथ कई दौर की बातचीत की है लेकिन यह सभी अब तक अनिर्णायक रही. पांचवें दौर की वार्ता के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 9 दिसंबर को एक और बैठक बुलाई है.