निगमों को लाभांश का 700 करोड़ भुगतान का दिया निर्देश

पटना (TBN रिपोर्ट) | बिहार में कोरोना आपदा के चलते लॉकडाउन घोषित होने के कारण धंधे रोजगार, कारखाने एवं सभी छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयों का कामकाज बंद होने से राज्य की अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है और राजस्व संग्रह में भारी कमी आयी है.

इसको लेकर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान राजस्व संग्रह में आई कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने लाभ अर्जित करने वाले ऐसे 11 राजकीय लोक उपक्रमों को जिसमें राज्य सरकार की अंश पूंजी निवेशित है को लाभांश के तौर पर 31 मार्च, 2020 तक वित्त लेखे के सुरक्षित व अधिशेष में जमा लगभग 1442.95 करोड़ की 50 प्रतिशत राशि 721.45 करोड़ रुपये का सरकार को भुगतान करने का निर्देश दिया है.

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि इन राजकीय लोकउपक्रमों में सर्वाधिक 633.73 करोड़ पुल निर्माण निगम, 498.81 करोड़ पथ विकास निगम, 81.31 करोड़ बेल्ट्राॅन, 16.5 करोड़ पुलिस भवन निर्माण निगम और 47.6 करोड़ भवन निर्माण निगम के आरक्षित एवं अधिशेष में जमा हैं.

कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 123 के तहत प्रत्येक कंपनी को लाभांश घोषित करने तथा अंशधारकों को भुगतान करने का प्रावधान है, लेकिन वित्तीय लाभ अर्जित करने वाले राजकीय लोकउपक्रम इस प्रावधान का विधिवत अनुपालन नहीं कर प्रत्येक वर्ष के लाभ को वित्त लेखे के आरक्षित एवं अधिशेष राशि में संचय करते रहे हैं.

बता दें, कोरोना संकट के दौरान जारी लाॅकडाउन के कारण 2019 के अप्रैल की तुलना में 2020 के अप्रैल में मात्र 17 प्रतिशत राजस्व का संग्रह ही हो पाया. इसके कारण वित्तीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है. ऐसे में राज्य सरकार जहां-जहां से भी राजस्व जुटाया जा सकता है, इसका प्रयास कर रही है.