महागठबंधन के घोषणा पत्र में नियोजित शिक्षकों का मुद्दा शामिल

पटना (TBN – The Bihar Now desk) | बिहार विस चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन ने आज अपना घोषणा-पत्र जारी किया. इस घोषणा पत्र में अन्य मुद्दों के साथ नियोजित शिक्षकों के मुद्दे को भी शामिल किया गया है जिसका टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट), बिहार ने स्वागत किया है.

राज्य के सभी जिलों में हड़ताल अवधि के वेतन समेत नवप्रशिक्षित शिक्षकों का एरियर साल भर से लंबित है. चुनावी सरगर्मी तेज होने की वजह से जहां विभाग के तमाम पदाधिकारी महत्वपूर्ण चुनावी जिम्मेवारियों में व्यस्त हैं वहीं शिक्षकों को भी बड़े पैमाने पर चुनाव डयुटी में लगाया गया है. शिक्षकों के चुनाव प्रशिक्षण की गतिविधि भी तेज है. दशहरा के नजदीक आने के साथ ही शिक्षकों के समक्ष आर्थिक चुनौतियों उत्पन्न हो रही है. उपरोक्त परिस्थिति में टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट बिहार ने अपर शिक्षा सचिव को ज्ञापन भेज दशहरा से पूर्व लंबित वेतन भुगतान की मांग उठाई है.

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि विभागीय आदेशानुसार शिक्षकों के हड़ताल अवधि का वेतन कार्यदिवस सामंजन पूर्ण होने के इंतजार में रोककर रखा गया था. अक्टुबर माह में हड़ताल अवधि का कार्यदिवस सामंजित हो जाने के उपरांत लंबित वेतन के भुगतान की प्रक्रिया शुरु होनी चाहिए. सूबे के तमाम जिलों के के हजारों नवप्रशिक्षित शिक्षकों का एरियर भी सालभर से लंबित है.

पाठक ने कहा कि कोरोना दशहरा और चुनाव के मद्देनजर शिक्षकों के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति है. लंबित वेतन और एरियर भुगतान से उनके समस्याओं का एक हद तक समाधान हो सकता है.

प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के द्वारा महागठबंधन की सरकार बनने पर पहले ही कैबिनेट बैठक से नियोजित शिक्षकों को समान काम समान वेतन और बेरोजगार नौजवानों के लिए 10 लाख स्थाई नौकरी देने कि घोषणा का टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (TSUNSS) गोपगुट बिहार, स्वागत करता है.

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