बिहार विधानसभा चुनाव का हुआ ऐलान, 3 चरणों में होंगे मतदान, आचार संहिता लागू

नई दिल्ली/पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो गया है. यहां 3 चरणों में चुनाव होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया. इसके साथ ही बिहार में आचार संहिता लागू हो गया है.

चुनाव आयोग ने कहा है कि बिहार में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को मतदान होंगे. प्रथम चरण में 71 विधानसभा सीटों पर, दूसरे चरण में 94 सीटों पर तथा तीसरे चरण में 78 सीटों पर मतदान डाले जाएंगे. 10 नवंबर को वोटों की गिनती होगी. बता दें कि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म हो रहा है.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, और 3 और 7 नवंबर को मतदान के साथ होंगे, मतगणना 10 नवंबर को होगी.

सीईसी के अनुसार, पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी करने की तारीख 1 अक्टूबर होगी, नामांकन की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर, नामांकन की जांच 9 अक्टूबर, उम्मीदवारी की वापसी की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर और मतदान की तारीख अक्टूबर होगी 28. सभी चरणों के लिए मतगणना 10 नवंबर को होगी.

दूसरे चरण के लिए, अधिसूचना जारी करने की तारीख 9 अक्टूबर है, नामांकन की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर है, नामांकन की जांच 17 अक्टूबर, उम्मीदवारी की वापसी की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर और मतदान की तारीख 3 नवंबर होगी. तीसरे में और अंतिम चरण, 13 अक्टूबर को अधिसूचना जारी करना, नामांकन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर, नामांकन की 21 अक्टूबर को जांच, उम्मीदवारी की वापसी की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर और मतदान की तारीख 7 नवंबर होगी.

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अरोड़ा ने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे. पहले चरण में 16 जिलों के 71 निर्वाचन क्षेत्र चुनाव के लिए जाएंगे, यह लगभग 31,000 मतदान केंद्रों में होगा. दूसरे चरण में, 17 जिलों के 94 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा, जिसमें लगभग 42 हजार मतदान केंद्र होंगे. तीसरे चरण में, 15 जिलों के 78 निर्वाचन क्षेत्रों में, लगभग 33.5 हजार मतदान केंद्र होंगे.

सीईसी ने यह भी कहा कि कोरोना के इस संकट के दौर में भी विधानसभा चुनाव कराने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. अरोड़ा ने कहा कि “जैसे-जैसे दिन और महीने बीतते गए और COVID-19 खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिले तो यह महसूस किया गया कि लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकार में संतुलन बनाने के लिए किसी न किसी तरह से उपाय ढूंढना होगा. बिहार में विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त होने वाला है. बिहार विधानसभा में 243 सदस्यों की संख्या है, जिनमें से 38 सीटें आरक्षित हैं, एससी के लिए और एसटी के लिए दो”.

सीईसी ने यह भी कहा कि चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ आदर्श आचार संहिता (MCC) लागू हो गई है. उन्होंने बताया कि आयोग ने MCC के दिशानिर्देशों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही विस्तृत व्यवस्था की है. कोविड​​-19 स्थिति के मद्देनजर मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने के बारे में बोलते हुए अरोरा ने कहा, “पहला बड़ा कदम जो एक मतदान केंद्र पर निर्वाचकों की अधिकतम संख्या को 1,500 से एक हजार तक कम करना था. इसके परिणामस्वरूप मतदान केंद्रों की संख्या 65,337 (2015 के विधानसभा चुनावों) से 2020 में एक लाख से अधिक हो गई”.

ईसीआई (ECI ) ने राज्य में चुनाव प्रक्रिया के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए सैनिटाइटर, मास्क, पीपीई किट, फेस शील्ड और हैंड ग्लव्स की भी व्यवस्था की है. सुनील अरोड़ा ने बताया कि “7 लाख से अधिक हैंड सेनिटाइज़र इकाइयाँ, लगभग 46 लाख मास्क, 6 लाख पीपीई किट, 6.7 लाख यूनिट फेस-शील्ड, 23 लाख (जोड़े) हैंड ग्लव्स की व्यवस्था की गई. मतदाताओं के लिए विशेष रूप से, 7.2 करोड़ एकल-उपयोग वाले हैंड ग्लव्स की व्यवस्था की गई है. अन्य महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक मतदान घंटे को एक घंटे तक बढ़ाना है. अब मतदान पहले सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे के समय के बजाय सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा.

कोविड -19 के मरीज भी वोट डाल सकेंगे

उन्होंने यह भी कहा कि कोविड -19 के मरीज, जो क्वारेंटिन हैं, वे मतदान के अंतिम समय में अपने-अपने मतदान केंद्रों पर स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में वोट डाल सकेंगे. यह सुविधा कोविड -19 के मरीजों को दी गई डाक मतपत्र की सुविधा से अलग है.