धिक्कार है ऐसी सरकार पर – तेजस्वी

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) | लॉकडाउन के दौरान बिहार के बाहरी राज्यों में फसे हुए मजदूरों को केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद स्पेशल ट्रेनों से बिहार लाया गया. इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग अन्य साधनों के माध्यम से भी अपने गृह राज्य वापस लौटे हैं. इस प्रकार की परिस्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय की ऒर से एक पत्र जारी किया गया, जिसमे बिहारी प्रवासी मजदूरों के बड़ी संख्या में आने के कारण गंभीर विधि-व्यवस्था की समस्या जताई गयी थी.

इस पत्र को लेकर बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पत्र को लेकर नीतीश सरकार पर जमकर हमलों की बौछार की है.

तेजस्वी यादव ने कहा कि नीतीश सरकार का यह पत्र Dignitiy of Labour और Dignity of Human की धज्जियाँ उड़ा रहा है. प्रदेशवासियों को चोर, लुटेरा और अपराधी बोला जा रहा है. इनके दिल की बात ज़ुबान पर आ ही गयी. इसलिए ही भाजपा नेतृत्व वाली नीतीश सरकार श्रमिकों को वापस नहीं लाना चाहती थी. ग़रीबों से नफ़रत क्यों?

https://youtu.be/TUB-Ookz_ag

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि  नीतीश कुमार की बिहारी श्रमवीरों के बारे में घृणित सोच को पढ़िए. उनके अधीन विभाग के पत्र अनुसार श्रमिक भाईयों के आगमन पर बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ रही है. उन्हें रोजगार नहीं देंगे. अपने ही श्रमवीरों भाईयों को चोर, लुटेरा और अपराधी समझ रहा है? धिक्कार है ऐसी सरकार पर.

राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि ;

श्रम की महता और श्रमिकों की गरिमा को तार-तार करती नीतीश कुमार निर्देशित इस चिट्ठी का एक-एक अक्षर पढ़िए.बिहारवासी श्रमिको को गुंडा,लुटेरा और अपराधी जैसे विशेषणों से अलंकृत किया गया है.यह चिट्ठी सरकार की ग़रीब विरोधी घृणित मानसिकता का द्योतक है.मुझे क्या!किसी को भी ग़ुस्सा आएगा

जानिए क्या लिखा है इस पत्र में…..