प्रवासी बिहारियों को घर पहुंचाने के लिए किराया देगी कांग्रेस

पटना (TBN रिपोर्ट) | लॉकडाउन में फंसे हुए बिहार के छात्रों, मजदूरों, और आम लोगों को अपने घर वापस पहुंचाने के लिए चलाई गयी ट्रेनों में मजदूरों से ट्रेन किराया वसूले जाने के मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियां नीतीश सरकार पर निशाना साध रही हैं.

हालांकि इसको लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि बाहर से आने वाले छात्रों और मजदूरों का किराया बिहार सरकार वहन करेगी. लेकिन राजनीति के गलियारों में इस मुद्दे को लेकर सियासी खेल जारी है.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मामले को लेकर कहा है कि श्रमिक, जरूरतमंद, कामगार को घर पहुंचाने के लिए किराया कांग्रेस देगी. इसके लिए सभी प्रदेश इकाइयों को निर्देश जारी किए गए हैं.

सोनिया गांधी ने कहा है कि हमने श्रमिकों के निशुल्क यात्रा की मांग को बार-बार उठाया, लेकिन सरकार ने नहीं सुना इसलिए कोंग्रेस ने ये फैसला लिया.

आगे उन्होंने कहा कि श्रमिक, कामगार राष्ट्र निर्माण के दूत हैं अतः इनके लिए आगे बढ़कर सहायता करना चाहिए. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सरकार विदेशों में फंसे लोगों को तो हवाई जहाज से निशुल्क वापस लाया जा सकता है तो मजदूरों, श्रमिकों को निशुल्क वापस क्यों नहीं ला सकते.

प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं तो मजदूरों की यात्रा पर क्यों नहीं खर्च कर सकते. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब रेल मंत्रालय पीएम कोविड फंड में 151 करोड़ दे सकता है तो रेलवे गरीब मजदूरों को मुफ्त यात्रा क्यों नहीं दे सकता.