60 साल राज करने वाली कांग्रेस आरक्षण विरोधी – सुशील मोदी

पटना / नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार से राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी (Sushil Kumar Modi MP) ने कहा है कि ओबीसी सूची में संशोधन का अधिकार राज्यों को दिलाने वाला संविधान संशोधन बिल लोकसभा से पारित होना सामाजिक न्याय की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की तीसरी बड़ी उपलब्धि है. साथ ही उन्होंने कहा है कि 60 साल राज करने वाली कांग्रेस आरक्षण विरोधी है.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि नरेंद्र मोदी की सरकार ने पहले कार्यकाल में पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया और सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन बिल पारित कराया.

सुशील मोदी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए लिखा है कि देश पर 60 साल राज करने वाली कांग्रेस ने कभी भी पिछड़े वर्गों को आरक्षण नहीं दिया.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज की कई समितियों ने जनजाति आयोग और पिछड़ा वर्ग आयोग बनाने की सिफारिशें कीं, लेकिन कांग्रेस उनकी रिपोर्ट ठंडे बस्ते में डालती रही. जबकि वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने जनजाति आयोग बनवाया.

राज्यसभा सांसद ने कहा कि कांग्रेस ने 1955 में पिछड़े वर्गों के लिए काका कालेलकर आयोग बनाया, लेकिन उसकी रिपोर्ट धूल फाँकती रही. 1977 में जनसंघ और अन्य दलों के साथ आने से बनी जनता पार्टी की सरकार ने मंडल आयोग का गठन किया. कांग्रेस की सत्ता में वापसी होते ही वह रिपोर्ट भुला दी गई.

कांग्रेस के केंद्र की सत्ता से दूर होने पर अंतत: भाजपा के समर्थन वाली वीपी सिंह सरकार ने पिछड़ों को 27 प्रतिशत रिजर्वेशन देने वाली मंडल आयोग (Mandal Commission) की रिपोर्ट लागू की.

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गैर-कांग्रेसी दलों ने सामाजिक न्याय का जो ऐतिहासिक लक्ष्य प्राप्त किया, उसे अब कोई भी ताकत खत्म नहीं कर सकती. कांग्रेस का चरित्र आज भी सामाजिक न्याय के विरुद्ध है, इसलिए जनता उसे नकार चुकी है.