सीएम कैंडिडेट पुष्पम 2 घंटे के लिए हिरासत में

पटना (TBN -The Bihar Now डेस्क) | बिहार की राजनीति में पहली बार स्वयं को सीएम कैडिडेट बताने वाली प्लुरल्स पार्टी (Plurals Party) की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी (Pushpam Priya Choudhary) मंगलवार को करीब दो घंटे पटना पुलिस की हिरासत में रही. पुष्पम को शाम लगभग साढ़े 8 बजे हिरासत में लिया गया और रात करीब 10 बजकर 30 मिनट पर छोड़ दिया गया.

मंगलवार देर शाम पुष्पम को पटना पुलिस ने उस वक्त आइटीओ गोलंबर (Income Tax Office round about) पर गिरफ्तार किया जब वे अपने कुछ समर्थकों के साथ राज्यपाल से मिलने राजभवन जा रही थी. पुलिस के अनुसार पुष्पम राजपाल से मिलने प्रतिबंधित इलाके में जा रही थी जिसके लिए उन्होंने पहले से अनुमति नहीं ली थी. आइटीओ गोलंबर पर पटना कोतवाली एसएचओ के साथ पुष्पम प्रिया चौधरी की जमकर बकझक भी हुई.

बताया दें कि कुछ दिनों पहले प्लुरल्स पार्टी के एक उम्मीदवार को हाजीपुर अनुमंडल कार्यालय में उस वक्त पुलिस ने जमकर पिटाई कर दी थी जब वह अपना राघोपुर विस क्षेत्र के लिए अपना नामांकन करने देरी से पहुंचा और फिर पुलिस प्रशासन से उलझ गया था. इस मामले पर प्लुरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी ने आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.

पुष्पम इसी मामले को लेकर अपनी पार्टी के कुछ नेताओं के साथ बिहार के राज्यपाल से मिलकर अनुरोध करना चाह रही थीं कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लगा कर चुनाव कराया जाए. इधर पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधित जोन में
बिना पर्मिशन किसी का भी प्रवेश वर्जित है. चूंकि पुष्‍पम प्रिया ने इसका उल्‍लंघन किया, इसीलिए उनको हिरासत में लेना पड़ा.

खुद को लगभग 2 घंटे हिरासत मे लिए जाने पर पुष्पम ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि आपने पांच घंटे तक अपनी पुलिस और अधिकारियों के माध्यम से मुझे परेशान किया है. इस दिन को याद रखें. मैं आपके लिए ही आ रही हूं. भगवान आपका भला करें.

वहीं पुष्पम प्रिया ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बिहार विस चुनाव में साजिशन प्लूरल्स के उम्मीदवारों का नामांकन या तो रद्द कर दिया जा रहा है या उन्हें नामांकन करने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि किसी बड़ी पार्टी के उम्मीदवारों का नामांकन कभी रद्द नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल से हमें सिर्फ यहीं कहना है कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने में क्या दिक्कत है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अधिकारियों का इस्तेमाल चुनाव में अपने फायदे के लिए किया जा रहा है.

हिरासत से छूटने के बाद पुष्पम ने एक और ट्वीट किया और लिखा, “साथियों, घर आ गई, परेशान न हों. मिथिला की बेटी पहले भी रावण की लंका जा चुकी है, मैं बस कोतवाली थाने गई थी. अगर मर्यादा पुरुषोत्तम आपके मन में हैं तो सुबह उठिये, बिहार के तीस साल का वनवास समाप्त कीजिये, इन राक्षसों का लंका-कांड कर दीजिये. तब मैं मानूँगी कि बिहार मरा नहीं, राम है”.