जब वे जीवित थे, तब तो कोई भी मिलने अस्पताल नहीं आया: चिराग

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | जैसा कि जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने चिराग पासवान पर सवाल उठाते हुए उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की मौत की जांच की मांग की है, लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग ने सोमवार को कहा कि हर कोई एक मृत व्यक्ति पर राजनीति कर रहा है और जब वे जीवित थे, तो कोई भी उनसे मिलने के लिए आतुर नहीं था.

चिराग ने कहा, “जो लोग एक बेटे के बारे में ऐसी बातें कह रहे हैं, उन्हें खुद पर शर्म आनी चाहिए. मैंने मांझी जी को फोन पर अपने पिता की गंभीर स्थिति के बारे में बताया था, फिर भी वह उन्हें देखने कभी नहीं आए. अस्पताल में भर्ती होने पर उन्होंने चिंता क्यों नहीं दिखाई थी”. उन्होंने कहा कि हर कोई एक मृत व्यक्ति पर राजनीति कर रहा है, लेकिन जब वे जीवित थे तो किसी ने उनसे मिलने की जहमत नहीं उठाई.

बता दें कि HAM ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रामविलास पासवान की मौत में उनके बेटे चिराग के रोल की न्यायिक जांच की मांग की है.

“हम” के पत्र में लिखा है कि रामविलास पासवान की मृत्यु के कारण राष्ट्र सदमे में है, लेकिन लोजपा प्रमुख चिराग पासवान को अंतिम संस्कार के अगले दिन मुस्कुराते हुए देखा गया. वह बैक-टू-बैक साक्षात्कार के बारे में बात कर रहे थे, जिसके कारण रामविलास के प्रशंसकों और रिश्तेदारों की तरफ से कुछ सवाल उठ रहे हैं.

पत्र में आगे लिखा है कि किसके निर्देश पर, अस्पताल, जहां रामविलास पासवान को भर्ती किया गया था, ने मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया था? किसके निर्देश पर, अस्पताल में केवल तीन लोगों को राम विलास से मिलने की अनुमति दी गई थी?

गौरतलब है कि रामविलास पासवान का लंबी बीमारी के बाद 8 अक्टूबर को निधन हो गया था. चिराग को कथित तौर पर अपने दिवंगत पिता की तस्वीर के सामने भाषण के लिए प्रपोज करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर पिछले महीने वायरल हुआ था. दो मिनट की इस क्लिप में उन्हें अपने पिता के प्रति श्रद्धांजलि देने का प्रयास करते हुए कई बार देखा गया था.

सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) या जद (यू) सहित विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि वह अपने पिता के बारे में बात करते हुए “काफी दुखी नहीं थे”. हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें किसी को यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि अपने पिता के निधन से वह कितने दुखी हैं और मुख्यमंत्री नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी जद (यू) प्रमुख से इससे कम उम्मीद नहीं की थी.