चिराग ने तेजस्वी को पिता रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर किया आमंत्रित

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सांसद चिराग पासवान ने बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की और उन्हें अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर 12 सितंबर को एक कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया. पासवान के गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी में राजद नेता लालू प्रसाद यादव से मिलने की संभावना है.

पासवान ने यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं तेजस्वी यादव से 12 सितंबर को होने वाली अपने पिता की बरखी में आमंत्रित करने के लिए मिला हूं,. मैं गुरुवार को दिल्ली में लालू प्रसाद यादव से भी मिलूंगा. मेरा उद्देश्य उन सभी को श्रद्धांजलि देने के लिए आमंत्रित करना है जिन्होंने मेरे पिता के साथ काम किया है.”

लोजपा नेता ने यह भी कहा कि उनके पिता की पहली पुण्यतिथि के कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मिलने की संभावना है.

हालांकि, पासवान और तेजस्वी दोनों ने दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक गठजोड़ पर कोई टिप्पणी नहीं की.

लालू प्रसाद यादव के ‘चिराग और तेजस्वी को एक साथ देखने’ के बयान पर तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी, “हमने वही कहा जो हम कहना चाहते थे. लालू जी के कहने के बाद हम कुछ नहीं कह सकते.” बता दें, लोजपा में सत्ता संघर्ष के बीच, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने अगस्त में कहा था कि वह चाहते हैं कि चिराग पासवान और तेजस्वी यादव एक साथ मिलकर गठबंधन करें.

इधर चिराग पासवान ने कहा कि यह राजनीति पर चर्चा करने का वक्त नहीं है. मैं यहां उन्हें एक परिवार के रूप में आमंत्रित करने के लिए आया हूँ.

इससे पहले तेजस्वी यादव ने चिराग को विपक्ष से हाथ मिलाने के लिए भी बुलाया था. चिराग पासवान कई मौकों पर तेजस्वी यादव को अपना ‘छोटा भाई’ भी कह चुके हैं.

रामविलस पासवान की पुण्यतिथि का यह कार्यक्रम राजनीतिक संदर्भ में महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यह ऐसे समय में आया है जब चिराग पासवान अपने चाचा पशुपति कुमार पारस के साथ अपने पिता की विरासत के दावे को लेकर तीखे विवाद के बीच में है.

बता दें, लोजपा का गठन 2000 में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने किया था. बिहार की राजनीति में भारी नेता रहे पासवान का अक्टूबर 2020 में निधन हो गया. केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस, लोजपा संस्थापक रामविलास पासवान के छोटे भाई, पांच अन्य सांसदों के साथ, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले थे और चिराग पासवान को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने की मांग करते हुए उन्हें एक पत्र सौंपा था. बिड़ला ने पारस को निचले सदन में लोजपा के फ्लोर लीडर के रूप में स्वीकार किया था. पार्टियों के फ्लोर नेताओं की एक संशोधित सूची में, पारस को लोकसभा लोजपा नेता के रूप में सूचीबद्ध किया गया था.

एनडीए द्वारा दरकिनार किए जाने के बाद और अपने चाचा पशुपति पारस के केंद्रीय मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद चिराग पासवान ने अपने राजनीतिक भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से बिहार में आशीर्वाद यात्रा के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया.