31 अगस्त को किसान सभा के दिल्ली रैली को सफल बनाने का आह्वान

पटना (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| भारत की कम्युनिस्ट पाटी (मार्क्सवादी) की बिहार राज्य कमिटी की बैठक शनिवार को आयोजित की गई. बैठक में 31 अगस्त को किसान सभा द्वारा आयोजित दिल्ली रैली को सफल बनाने का आह्वान किया गया.

बैठक में पिपरा विधान सभा क्षेत्र (पू॰चम्पारण) से पिछली विधानसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार राजमंगल प्रसाद को हत्या के झूठे मामले में फँसाने पर रोष व्यक्त किया गया. इसे एक राजनैतिक षड्यंत्र बताया गया और राजमंगल प्रसाद को तत्काल मामले से मुक्त करने की मांग की गई.

बैठक में स्वाधीनता दिवस की 75वीं वर्षगांठ व्यापक रूप में मनाने एवं साम्राज्यवाद विरोधी आंदोलन के मूल्यों, स्वाधीनता, जनवाद, संवैधानिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों के साथ-साथ देश पर कारपोरेटपक्षी बहुसंख्यक साम्प्रदायिक तानाशाही थोंपने के मंसूबे के प्रति आम जनता को जागरूक करने का आह्वान किया गया.

इस अवसर पर पार्टी कार्यालय, शाखाओं में तिरंगा फहराने के साथ-साथ देश के संविधान जनतंत्र एवं धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर भाजपा की सत्ता एवं संघ परिवार द्वारा किये जा रहे हमलों से पार्टी की पांत एवं आमजनों को सचेत करते हुए जनतांत्रिक आंदोलन में शामिल होने के लिए गोलबंद करने का निर्णय लिया गया.

बैठक के बाद पोलिट ब्यूरो सदस्य कॉ॰ हन्नान मोल्ला ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया. मोल्ला ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में बाढ़ के कारण हुए व्यापक जान-माल की क्षति पर सरकार से बाढ़ पीड़ितों एवं गृहविहीनों को व्यापक स्तर पर राहत पहुँचान, जल निकासी का प्रबंध करने, बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिये उचित मुआबजा प्रदान करने एवं आसन्न महामारी रोकने एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की माँग की गई है.

उन्होंने कहा कि राज्य में टीकाकरण की रफ्तार बहुत कम है और संभावित तीसरे लहर से निबटने की कोई सरकार योजना पर अमल नहीं हो रही है. उन्होंने सरकार से मांग की कि कोरोना का टीका जल्द उपलब्ध कराकर टीकाकरण की रफ्तार तेज की जाय. साथ ही जिला एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक स्वास्थ्य सेवा दुरूस्त की जाय.

उन्होंने बताया कि महालेखाकार एवं नीति आयोग की रिपोर्ट के आलोक में बिहार की खास्ताहाल अर्थव्यवस्था बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की दुरावस्था और संस्थानिक भ्रष्टाचार पर रोष व्यक्त करते हुए पार्टी ने केन्द्रीय कमिटी के आह्वान पर 14 सूत्री मांगों के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को लेकर सितम्बर महीनें में अभियान चलाने एवं आंदोलन संगठित करने का निर्णय लिया गया है. पार्टी राज्य में बढ़ती अपराधिक घटनाओं, महिलाओं के ऊपर बढ़ते यौन हमलों के खिलाफ भी आंदोलन संगठित करेगी.

मोल्ला ने बताया कि पार्टी ने देशव्यापी किसान आंदोलन को मजबूत बनाने के लिये सभी श्रमजीवी तबकों को इस आंदोलन में शामिल करने के लिये विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है. इसके लिए बिहार से 1000 किसान 31 अगस्त को दिल्ली प्रस्थान करेंगे.

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उन्होंने कहा कि पार्टी का 23वाँ अखिल भारतीय महासम्मेलन केरल के कन्नूर जिलें में आयोजित किया जायेगा. इसके पूर्व बिहार में अगस्त से सितम्बर के मध्य तक सभी इकाइयों और उसके बाद लोकल कमिटियों एवं अक्टूबर-नवम्बर माह तक जिला सम्मेलनों का आयोजन किया जायेगा. पार्टी का राज्य सम्मेलन फरवरी-2022 में समस्तीपुर में आयोजित किया जायेगा.

इस संवाददाता सम्मेलन में राज्य सचिव अवधेश कुमार, केन्द्रीय कमिटी सदस्य अरूण कुमार मिश्र, ललन चौधरी मौजूद थे.