सीपीआईएम के कार्यालय एवं कार्यकर्ता पर हमला के खिलाफ त्रिपुरा के सीएम का पुतला दहन

पटना / नोएडा (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा / रितेश कुमार सिन्हा की रिपोर्ट)| शुक्रवार को सीपीआई (एम) ने त्रिपुरा में सीपीआईएम के कार्यालय एवं कार्यकर्ता पर हमला के खिलाफ पटना जंक्शन गेट के पास तथा सेक्टर- 8, नोएडा तिराहे पर पुतला दहन किया.

पटना में पुतला दहन के उपरांत पटना जिला कमिटी के जिला सचिव मनोज कुमार चंद्रवंशी की अध्यक्षता में सभा आयोजित किया गया. इसमें वक्ताओं ने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा के सत्ता आने के बाद से ही सीपीआईएम के कार्यालय एवं कार्यकर्ताओं पर हमले दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं.

वक्ताओं ने कहा कि पिछले दो दिनों से भाजपा और आरएसएस द्वारा सीपीआईएम कार्यालय में तोड़ फोड़ एवम् आगजनी की गई जिससे काफी नुकसान हुआ है. प्रशासन के सामने भाजपा ने नंगा नाच किया तथा पुलिस मुक दर्शक बनी रही. त्रिपुरा में लोकतंत्र की हत्या हो रही है और मोदी सरकार त्रिपुरा के मुख्यमंत्री को बढ़ावा दे रहे है.

सीपीआई (एम) ने मांग किया है कि त्रिपुरा में हो रहे हमला पर रोक लगाई जाए तथा दोषी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए. कार्यक्रम में मोदी सरकार मुर्दाबाद, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मुर्दाबाद, भाजपा और आरएसएस की गुंडागर्दी पर रोक लगाओ, लोकतंत्र की हत्या नहीं चलेगा आदि नारे लगा रहे थे.

सभा को सीपीआईएम के केंद्रीय कमिटी सदस्य अरुण मिश्रा ने संबोधित किया. कार्यक्रम में रास बिहारी सिंह, विश्वनाथ प्रसाद, डीवाईएफआई के चंदन कुमार, रंजीत कुमार, दीपक कुमार,राहुल, विमल प्रसाद, राज कुमार, अमरनाथ सहित अन्य मौजूद थे.

दूसरी ओर इस हमले के खिलाफ माकपा कार्यकर्ताओं ने सेक्टर- 8, नोएडा तिराहे पर विरोध प्रदर्शन किया. कार्यकर्ताओं ने त्रिपुरा में सीपीआईएम कार्यकर्ताओं के घरों और दफ्तरों पर भाजपा/आर एस एस के गुंडों द्वारा की गई तोड़फोड़, आगजनी के विरोध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया.

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सीपीआईएम नेता भरत डेंजर, लता सिंह, राम सागर, चन्दा बेगम ने कहा कि 8 सितंबर 2021 को भाजपा और आरएसएस के गुंडों ने त्रिपुरा में सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं के घरों एवं पार्टी कार्यालय जला दिए और अनेकों माकपा कार्यकर्ताओं को बुरी तरह मारा-पीटा गया. इसमें अनेकों लोग जख्मी हुए, पार्टी कार्यालय में खड़ी गाड़ियों में भी आग लगा दी गई. पूरी हिंसा के दौरान वहां की पुलिस और सरकार मूकदर्शक बनी रही.

उन्होंने कहा कि कहीं-कहीं पर तो पुलिस उपद्रवियों का साथ देती नजर आई. उन्होंने कहा कि सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का निर्वाह करें और हिंसा पर तुरंत रोक लगाई जाए. साथ ही हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए नहीं तो माकपा कार्यकर्ता पूरे देश में बड़ा आंदोलन करेंगे.