चिराग तले छाया अंधेरा, LJP में बड़ी टूट !

पटना / नई दिल्ली (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार की राजनीति से अभी-अभी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. स्व रामविलास पासवान द्वारा गठित लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) में रविवार को बड़ी टूट हो गई है. पार्टी के पांच सांसदों ने पार्टी प्रमुख और सांसद चिराग पासवान के नेतृत्व से अलग होने का फैसला कर लिया है.

सूत्रों के मुताबिक, एलजेपी में यह टूट चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस के नेतृत्व में हुई है. भाई प्रिंसराज के भी अलग होने की खबर है. जानकारी के अनुसार पशुपति पारस पार्टी के संसदीय दल के नेता बनाए गए हैं. सूत्रों ने बताया है कि इस बारे में लोक सभा के स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सूचना दे दी गई है. इस टूट के बाद अब पार्टी में सिर्फ चिराग अकेले ही रह गए हैं.

पशपति पारस होंगे पार्टी के अध्यक्ष

पार्टी में पहले से ही सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा था. यह सभी पांच सांसद जेडीयू के संपर्क में हैं. रविवार को देर रात एलजेपी पार्टी के वैशाली सांसद, रामविलास पासवान के भाई और चिराग के चाचा पशुपति पारस दिल्ली में जेडीयू सांसद ललन सिंह से मिले हैं. इस बैठक के बाद पशुपति पारस ने यह फैसला लिया है. सभी असन्तुष्ट सांसदों द्वारा यह फैसला तब लिया गया है जब केंद्र सरकार अपने केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की योजना बना रही है.

पार्टी के पांच सांसद, जिन्होंने चिराग से अलग होने का फैसला लिया है, उनमें पशुपति पारस, महबूब अली कैसर, प्रिंस, वीणा देवी और चंदन सिंह शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार, पहले चार सांसदों के अलग होने की खबर आई थी.

जानकारी के अनुसार, सभी पांचों सांसद चिराग पासवान की कार्यशैली से नाराज हैं. जानकारी के मुताबिक, सोमवार को दिन के 3 बजे लोजपा का नाराज गुट पार्टी पर अपना दावा ठोकेगा. उसके बाद सभी पांचों के जेडीयू में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है.

मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार की संभावना पर तेज हुई राजनीति

बताते चलें कि केंद्र द्वारा मंत्रिमंडल में विस्तार करने की चर्चा चल रही है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि मोदी कैबिनेट में बदलाव हो सकता है. ऐसे में एनडीए के घटकों में लगातार सियासत तेज है.

वहीं दूसरी ओर जेडीयू में भी घमासान है. अभी एनडीए गठबंधन में जेडीयू के 16 सांसद हैं. पिछली बार कैबिनेट विस्तार के समय जेडीयू के शामिल होने की चर्चा थी. हालांकि अंत में बात नहीं बन सकी थी. अब इधर एलजेपी में फूट की खबर ने सियासत को और तेज कर दिया है.