कोरोना, चमकी बुखार, बर्ड फ़्लू एवं स्वाइन फ़्लू को लेकर सरकार हरकत में

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- बिहार में कोरोना के बढ़ते हुए आंकड़ों के बीच चमकी बुखार की ख़बरों ने सरकार की नींद उड़ा रखी है। पिछले दिनों भागलपुर जिले में सूअरों की मौत, इससे पहले पटना में अत्यधिक संख्या में कौओं की मौत भी हुई थी। इन सभी मामलों को देखते हुए राज्य सरकार हरकत में आ गयी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अपने निवास पर कोरोना संक्रमण, एईएस, बर्ड फ़्लू एवं स्वाइन फ़्लू को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की।

शनिवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना के तेज़ी से बढ़ते हुए मामलों के बीच मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार का एक मामला सामने आने के बाद अपने पटना में 1 अणे मार्ग स्थित निवास पर उच्चस्तरीय बैठक की जिसमे कोरोना संक्रमण, एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस), बर्ड फ़्लू एवं स्वाइन फ़्लू को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा की गयी । नीतीश कुमार ने बैठक के दौरान राज्य में कोरोना संक्रमण के मरीजों एवं वर्तमान में चल रहे हालात के बारे में चर्चा करते हुए जानकारी ली और इस संबध में आवशयक दिशा निर्देश भी दिए। पिछले दिनों बिहार में हुई कौओं और अन्य पक्षियों के मौत के साथ, भागलपुर जिले के वार्ड नंबर 26 में हुई सुअरों की मौत के बारे में भी जानकारी लेते हुए कहा कि “पक्षियों की आकस्मिक मौत पर नज़र रखने और फ़्लू के प्रभाव को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाये जाएं”।

मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा के क्रम में एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के संबंध में दिशा निर्देश देते हुए कहा कि “एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) की अभी से पूरी तैयारी करते हुए अभियान चलाकर लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक किया जाये। प्रशासन को अभी से एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में जाकर सभी प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने चाहिए साथ ही लोगों को साफ़ सफाई के लिए जागरूक करे जिससे लोग सव्छ्ता का ध्यान रखें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुज़फ्फरपुर में बन रहे 100 शय्या वाले “श्री कृष्णा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल” शिशु गहन चिकित्सा इकाई (PICU) का निर्माण शीघ्र करवाया जाये जिससे उचित समय पर गहन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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