कृषि संबंधी विधेयकों का संसद के दोनों सदनों से पारित होना ऐतिहासिक कदम – प्रेम कुमार

पटना TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार के कृषि मंत्री ने डॉ प्रेम कुमार ने कृषि संबंधी विधेयकों का संसद के दोनों सदनों से पारित होना ऐतिहासिक कदम बताया है. उन्होंने कहा है कि विधेयकों का राज्य सभा से पारित होना देश के कृषि एवं किसानों के लिए ऐतिहासिक क्षण है.

मंत्री ने कहा कि इन विधेयकों का पारित होना देष के कृषि एवं किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा इससे देश के किसानों की दिशा एवं दशा दोनों बदलने वाली है. उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से बिहार के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा.

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा बिहार में कृषि उत्पादन बाजार समिति अधिनियम को वर्ष 2006 में ही समाप्त कर दिया गया था. परन्तु यह अधिनियम देश के अन्य राज्यों में लागू रह जाने के कारण बिहार के किसानों को अन्य राज्यों में बेचने का लाभ नहीं मिल रहा था. केन्द्र सरकार के इस फैसले से बिहार के किसानों को अपनी मर्जी से देश के अन्दर एवं देश के बाहर भी जहाँ अधिक मूल्य मिलेगा, वहाँ अपनी फसल बेचने की आजादी मिलेगी. बिचैलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पिछले दिनों आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत् इन सुधारों की घोषणा की थी. इस दूरदर्शितापूर्ण निर्णय के लिए डॉ प्रेम कुमार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित केन्द्र की सरकार को धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया है.

‘एक देश, एक बाजार’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कृषि मंत्री ने कहा कि लोकसभा में पारित होने के बाद कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) विधेयक- 2020 को राज्यसभा से भी मंजूरी दी गई है. इस निर्णय से किसानों को अपनी फसल अपने हिसाब से बेचने की आजादी मिलेगी. अध्यादेश लागू होने के बाद किसान जहाँ चाहेगा और जिसे चाहेगा, अपनी फसल बेच सकेगा. ई-ट्रेडिंग के जरिए खरीद-बिक्री हो सकेगी. किसानों को फसल की अच्छी कीमत मिल पाएगी. उन्होंने कहा कि एक देश, एक बाजार की दिशा में यह बहुत ही महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी कदम है.

उन्होंने कहा कि अब किसान और ट्रेडर एग्रीमेंट कर सकेंगे. इसमें मिनिमम प्राइस पहले ही तय होगा. ऐसे में किसानों को नुकसान होने का खतरा नहीं रहेगा. अगर फसल आने पर भाव ज्यादा होता है तो व्यापारी को होने वाले फायदे में से किसान को भी हिस्सा मिलेगा. किसी तरह का विवाद होने पर मामला कोर्ट में नहीं जाएगा, बल्कि प्रशासन के स्तर पर ही निपटारा हो जाएगा.

उन्होंने बताया कि आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन विधेयक भी पारित कर दिया गया है. केन्द्र सरकार के इस निर्णय से अनाज, तेल, तिलहन, दाल, आलू और प्याज को इस एक्ट के दायरे से बाहर किया गया है. इन पर अब स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगी. किसान जितना चाहे एक्सपोर्ट कर सकता है, जितना चाहे स्टोर कर सकता है. सिर्फ आपदा, युद्ध या बहुत ज्यादा महंगाई होने की स्थिति में ही स्टोरेज से जुड़े प्रतिबंध लागू होंगे.

कृषि मंत्री ने डॉ प्रेम कुमार ने बताया कि इस प्रकार से प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र की सरकार किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति तथा उनकी आमदनी दोगुनी करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री का बिहार के करोड़ों किसानों की तरफ से धन्यवाद एवं हृदय से आभार व्यक्त किया है.