डिप्टी सीएम पर लगा बड़ा आरोप, क्या तारकिशोर प्रसाद का टाइम पूरा हो गया !!

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद (Tarkishore Prasad) पर बड़ा आरोप लग रहा है. उनपर सात निश्चत योजना पार्ट-1 के तहत संचालित “हर घर नल का जल योजना” में अपने परिजनों के नाम करोड़ों का टेंडर देने का आरोप लग रहा है. इधर बुधवार शाम बीजेपी ने आपात बैठक बुलाई है. इससे यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या तारकिशोर प्रसाद का टाइम पूरा तो नहीं हो गया है.

मामला क्या है

उपमुख्यमंत्री पर सात निश्चत योजना पार्ट-1 के तहत संचालित हर घर नल का जल योजना (Nal Jal Yojna) में अपने परिजनों को लाभान्वित करने की बात सामने आ रही है. ये आरोप लगाया जा रहा है कि बीजेपी नेता के गृह जिला कटिहार में नल जल योजना के तहत उनके परिजनों को जो 53 करोड़ का टेंडर दिया गया, उसमें बड़ा घोटाला हुआ है. वहीं, इस बात की जानकारी तारकिशोर प्रसाद को भी थी, लेकिन इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इस बात के सामने आने के बाद सियासी बवाल मच गया है.

नेता प्रतिपक्ष ने साधा निशाना

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने उपमुख्यमंत्री समेत एनडीए सरकार (NDA Government) पर हमला बोला है. उन्होंने बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ” एनडीए की सरकार में सिर्फ एक ही काम हो रहा है, वो है जनता की गाढ़ी कमाई को लूटने का काम. कटिहार जिले में जिस तरह से 53 करोड़ रुपए के नल जल योजना का टेंडर उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद के परिजनों को मिला, इससे साफ पता चलता है कि सरकार भ्रष्टाचार के लिए ही बनी है.”

मुख्यमंत्री पर भी बोला हमला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, ” नल जल योजना में हो रही गड़बड़ी को मुख्यमंत्री रोक नहीं पा रहे हैं क्योंकि उनके सिर के ऊपर सृजन घोटाले का डर है. वो लाचार हो गए हैं. बैसाखी के सहारे बस किसी तरह कुर्सी से चिपके हुए हैं.” उन्होंने कहा कि नल जल योजना में हो रही गड़बड़ी को लेकर वे दो दिनों के अंदर पूरी डिटेल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. पीसी के माध्यम से वो गड़बड़ी संबंधित सारी बातें पत्रकारों के बीच रखेंगे, वे बताएंगे कि सरकार कैसे सरकारी पैसों का बंदरबांट नल जल योजना के माध्यम से कर रही है.

बीजेपी नेता उतरे बचाव में

इधर, इस मामले में तारकिशोर प्रसाद का बचाव करते हुए बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal) ने कहा, ” एक करोड़ 87 लाख का टेंडर उनके बेटे को मिला था. यह साल 2019 के फरवरी माह में ही मिला था और चुनाव से पहले ही वो काम भी पूरा कर लिया गया था. यह सही है कि एक विधायक के बेटे ने यह कार्य कराया है. लेकिन चुनाव से पहले सारा कार्य समाप्त कर लिया गया था. इसलिए इसमें कुछ कहने की जरूरत नहीं है.”

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वहीं, पंचायती राज मंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने कहा, ” कहीं ऐसा कोई मामला नहीं है. साल 2019 उनके बेटे को टेंडर दिया गया था. वो काम पूरा हो गया है. प्रक्रिया के तहत ही टेंडर दिया गया था. कहीं कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.”
(इनपुट – एबीपी)