प्रशांत किशोर की मुहिम ‘बात बिहार की’ हुई ठप, दफ्तर पर लगा ताला

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | चुनावी रणनीतिकार और जेडीयू के पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर, पीके की बिहार के लोगों को जागरूक करने और एक नई राजनीतिक शक्ति खड़ा करने की मुहिम पर ताला लग गया है.

‘बात बिहार की’ के नाम से शुरू की गई पीके की इस मुहिम में बिहार के हर गांव, हर पंचायत में जाकर जागरूक लोगों को ‘बिहार कैसे तरक्की कर सकता है’, के बारे में बताना था. उनका दावा था कि तीन महीने में इस मुहिम में 10 लाख युवाओं को जोड़ लेंगे.

बता दें कि इस कार्यक्रम के शुरू होने के कुछ महीने बाद ही उनकी टीम की गतिविधि कम हो गई थी और अब गतिविधि पूरी तरह समाप्त हो गई है. पटना के एग्जीबिशन रोड में जहां लंबे समय से कार्यालय चल रहा था, मंगलवार को उसे बंद कर दिया गया है.

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की घोषणा करने वाले पीके ने 40 से 50 लोगों की टीम को ‘बात बिहार की’ कार्यक्रम में लगा रखा था. टीम के कई सदस्य काफी समय से यहीं से काम कर रहे थे. लेकिन लॉकडाउन के बाद से ही पीके ने अपनी टीम को समेटना शुरू कर दिया था.

इतना ही नहीं, कोरोना काल में टीम के सदस्यों की फील्ड वर्क भी बंद हो गई. पूरा कार्यक्रम सोशल मीडिया तक सिमट कर रह गया. पहले अधिकांश सदस्यों को बंगाल और तमिलनाडु शिफ्ट कर दिया. इसके बाद पटना कार्यालय पूरी तरह बंद हो गया है.