अमित शाह मंगलवार को बिहार में जनसभा को करेंगे संबोधित

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) मंगलवार को बिहार में एक जनसभा को संबोधित करेंगे, जो जद (यू) के भाजपा से नाता तोड़ने के एक महीने के भीतर राज्य के सीमावर्ती इलाके में आयोजित होने वाला दूसरा ऐसा सार्वजनिक कार्यक्रम होगा.

सूत्रों के अनुसार गृह मंत्री लोकनायक जयप्रकाश नारायण (Loknayak Jayaprakash Narayan) के 120वें सालगिरह के अवसर पर उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित सीताब दियारा (Sitab Diara) क्षेत्र में भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता, सिद्धांतवादी, समाजवादी और राजनीतिक नेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा का अनावरण भी करेंगे.

सीताब दियारा यूपी-बिहार सीमा पर स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण का पैतृक गांव है. जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद, गृह मंत्री बिहार के सारण जिले के सीताब दियारा इलाके में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे जनसभा को संबोधित करेंगे. तीन सप्ताह में शाह की यह दूसरी बिहार यात्रा होगी.

इस साल अगस्त में, जद (यू) ने राज्य में सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के साथ अपना नाता तोड़ लिया था. 23-24 सितंबर को बिहार के सीमावर्ती पूर्णिया (Purnea) और किशनगंज (Kishanganj) क्षेत्रों के अपने दो दिवसीय दौरे में शाह ने एक ‘जन भावना महासभा’ (Jan Bhavna Mahasabha) को संबोधित किया था और भाजपा राज्य कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की थी.

पूर्णिया बिहार के अड़तीस जिलों में से एक है. बाद में उन्होंने यात्रा के दौरान बिहार के किशनगंज शहर में बिहार भाजपा के सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों के साथ बैठक भी की.

इतने कम समय में शाह का बिहार का दूसरा दौरा महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पता चला है कि यह 2024 के लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत के लिए पार्टी की चुनावी तैयारियों का हिस्सा है. पिछले महीने की यात्रा का उद्देश्य विधानसभा और आम चुनावों में राजनीतिक दल के उम्मीदवारों की सफलता को प्रभावित करना था.

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राज्य के ये सभी चार जिले पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं, और सभी चार जिलों में मुस्लिम आबादी एक बड़ी संख्या में है. भाजपा नेता ने दावा किया है कि जनसांख्यिकी को बदलने के लिए बड़ी संख्या में अप्रवासियों ने घुसपैठ की और वहां बस गए.

ये चार जिले 24 विधानसभा सीटों और चार संसदीय सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में, भाजपा और जद (यू) दोनों ने सहयोगी के रूप में एक साथ चुनाव लड़ाथा. अररिया में बीजेपी ने जहां सिर्फ एक सीट जीती, वहीं पूर्णिया और कटिहार की दो सीटों पर जद (यू) की जीत हुई, जबकि किशनगंज सीट कांग्रेस पार्टी के खाते में गई थी.

हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार सीमांचल क्षेत्र की राजनीतिक प्रवृत्ति “सुपौल, भागलपुर, मधुबनी और दरभंगा जैसे अन्य आसपास के जिलों के चुनावी पाठ्यक्रम को भी प्रभावित करती है.”