अररिया कांड में दोषी पाए जाने पर होंगे निलंबित जिला कृषि पदाधिकारी

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) | अररिया कांड में आरोपी जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को वहाँ से हटा दिया गया है. सरकार ने यह कदम इस कांड के निष्पक्ष जांच के लिए लिया है.

सोशल मीडिया में उक्त जिला कृषि पदाधिकारी के स्थानांतरण को लेकर हुए हंगामे के बाद रविवार को बिहार के कृषि मंत्री बिहार डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि जिला कृषि पदाधिकारी, अररिया का ट्रांसफर किया गया है तथा  उन्हें समकक्षीय पद पर रखते हुए मुख्यालय बुला लिया गया है. उन्होंने कहा की कृषि विभाग में जिला कृषि पदाधिकारी और उप निदेशक का पद समकक्ष है.

उन्होंने कहा की सोशल मीडिया पर कुछ लोग बिना कुछ जाने यह अफवाह फैलाने में लगे हुए हैं कि कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को प्रमोशन देकर मुख्यालय बुलाया गया है जो कि गलत है.

कृषि मंत्री ने स्पष्ट कहा की किसी भी स्थिति में किसी पदाधिकारी/कर्मियों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी तथा कोरोना वारियर्स के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सजा दी जाएगी.

प्रेम कुमार ने बताया की सोशल मीडिया के माध्यम से अररिया के जिला कृषि पदाधिकारी, मनोज कुमार को एक पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की वीडियो प्राप्त हुई थी, जिस पर संज्ञान लेकर उनको शोकॉज नोटिस, और कांड के जाँच का आदेश दिया गया. इसके साथ ही, उन पर जिला पुलिस द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं.

बता दें अररिया के कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार के प्रमोशन की खबरें प्रकाश में आने के बाद विपक्ष नीतीश सरकार पर लगातार हमले बोल रही है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद), आरएलएसपी और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा समेत तमाम विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने दोषी पदाधिकारी पर कार्रवाई करने के बजाए उनका प्रमोशन कर दिया. हालांकि अब बिहार सरकार के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार के द्वारा इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए स्तिथि स्पष्ट कर दी गई है.