कृषि मंत्री की सफाई, कहा मेरे बयान को गलत ढंग से किया गया पेश

ग्वालियर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) ने रविवार को कहा कि केंद्र के पास फिर से कृषि कानून लाने की कोई योजना नहीं (Centre has no plan to introduce farm laws again) है. उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया.

केंद्रीय मंत्री की ओर से यह स्पष्टीकरण कांग्रेस के उस आरोप के बाद आया है कि केंद्र पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के बाद संशोधन के साथ तीन कृषि कानूनों (जो अब निरस्त कर दिया गया है) को वापस लाने की योजना बना रहा है.

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए तोमर ने कहा, “किसानों की भलाई के लिए भारत सरकार द्वारा कृषि सुधार कानून लाए गए थे. भारत सरकार और प्रधान मंत्री ने किसानों के आंदोलन को समाप्त करने के लिए उन कानूनों को वापस ले लिया है”.

“एग्रो विजन कार्यक्रम (Agro Vision program) के दौरान मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया था. मैंने कहा था कि हम कृषि कानूनों के रुख से पीछे हट गए हैं, लेकिन किसानों की भलाई के लिए भारत सरकार आगे बढ़ती रहेगी. इस मामले में कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र की फिर से कृषि कानून पेश करने की कोई योजना नहीं है.

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इससे पहले कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला (Congress General Secretary Randeep Surjewala) ने कहा था तोमर के एग्रो विजन कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान ने एक बार फिर केंद्र की तीन किसान विरोधी कानूनों को वापस लाने की साजिश का पर्दाफाश किया है. सुरजेवाला ने कहा था कि केंद्र तीन काले कानूनों को फिर से एक नए रूप में लाने की योजना बना रही यही.

सुरजेवाला ने आरोप लगाया था कि सरकार पूंजीपतियों के दबाव में कर रही है. कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माफी मांगी थी और पांच राज्यों के चुनाव में हार के डर से संसद में तीन “काले” कानूनों को निरस्त कर दिया था.

बताते चलें, 23 नवंबर से शुरू हुए संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आवश्यक विधेयक पारित होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों को निरस्त कर दिया गया था.