तीन सालों बाद रविवार को पटना पहुंचेंगे लालू यादव, कार्यकर्ताओं में जोश

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार में विधानसभा उपचुनाव के सियासी उठापटक में कल रविवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) का पटना आगमन हो रहा है. उनके साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी (Rabri Devi) और बेटी मीसा भारती (Misa Bharti) भी पटना आ रही हैं. वे लगभग तीन सालों के बाद पटना (Patna) आ रहे हैं.

बता दें, चारा घोटाला मामले (Fodder Scam Case) में सजा काट रहे लालू बेल मिलने के बाद अपनी बेटी मीसा भारती के दिल्ली स्थित आवास पर रह रहे थे. वे रविवार को एयर इंडिया (Air India) की दोपहर की फ्लाइट से पटना पहुंचेंगे. सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों की सलाह के बाद ही वे बिहार आ रहे हैं.

कार्यकर्ताओं में जोश की लहर

तीन सालों के लंबे अंतराल के बाद अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के पटना आने की खबर से आरजेडी के कार्यकर्ताओं व नेताओं में जबरदस्त उत्साह और जोश दिख रहा है. सभी मिलकर अपने नेता के स्वागत की तैयारी में लगे हैं.

24 घंटे जलेगी 6 क्विंटल वजन का लालटेन

जानकारी के अनुसार, लालू के आने की खुशी में पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में 6 क्विंटल वजन का लालटेन लगाने की तैयारी है, जो लगातार 24 घंटे तक जलेगी.

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उम्मीद है, पार्टी के प्रत्याशियों के लिए तारापुर में 26 अक्टूबर और कुशेश्वरस्थान में 27 अक्टूबर को लालू प्रचार-प्रसार करेंगे. राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि लालू के तारापुर और कुशेश्वरस्थान जाने से आरजेडी के उम्मीदवारों को मजबूती मिलेगी. इतना ही नहीं, तेजस्वी यादव द्वारा यह कहे जाने पर कि तारापुर और कुशेश्वरस्थान सीटों को जीतने के बाद आरजेडी बिहार में सरकार बना लेगी, इस बात को भी बल मिलेगा.

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि लालू के पटना आने से उनके दोनों बेटे, तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के बीच का मतभेद दूर होने की संभावना है. बता दें, दोनों भाइयों के बीच मतभेद जगजाहिर हो गया है. साथ ही, तेजप्रताप यादव आजकल अपनी ही पार्टी से अलग-थलग पड़े हुए हैं.

बताते चलें, दशहरा के दौरान लालू यादव की पत्नी, तेजस्वी-तेजप्रताप की मां व राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पटना आईं थी. उनका मकसद था दोनों भाइयों के बीच के मतभेद को सुलझाना. लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो पाई, जिस कारण वह वापस दिल्ली लौट गई. अब लालू के पटना आने की खबर से इस प्रयास को भी बल मिलने की संभावना है. मतलब, राष्ट्रीय जनता दल के अंदर की उथल-पुथल को लालू यादव संभाल देंगे – ऐसी उम्मीद जताई जा रही है.