रेलवे की अनोखी पहल, गाँव को लिया गोद

सासाराम (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- कोरोना आपदा में प्रभावित हुए गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए बिहार की नीतीश सरकार के साथ अन्य राजनीतिक पार्टी और समाजसेवी संस्थाएं आगे आयी हैं. इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए रेलवे की एक तरफ से कोरोना के संकट में फंसे हुए लोगों की मदद के लिए पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू रेल मंडल ने बिहार के पूरे एक गांव को गोद ले लिया है. जिसके बाद गांव की देखभाल के साथ ही लोगों के लिए भोजन और कोरोना से बचाव के लिए मास्क-सेनेटाइजर भी पंहुचा रहे हैं. कोरोना जैसी महामारी के बीच रेलवे के द्वारा गांव को गोद लेकर लोगों की मदद की ये पहल वास्तव में प्रशंसनीय है.

मिल जानकारी के अनुसार पूर्व मध्य रेलवे के दीनदयाल उपाध्याय ( डीडीयू) रेल मंडल ने रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला प्रखंड का मुडियार गांव को गोद ले लिया है. गांव को गोद लेने के बाद रेलकर्मियों के द्वारा गांव के लोगों का भरपूर ख्याल रखते हुए ग्रामीणों के लिए भोजन से लेकर मास्क-सेनेटाइजर सबकुछ पहुंचा रहे हैं. जिससे गांव वालों की उमीदों को ख़ुशी के पंख लग गए हैं. बता दें कोरोना वायरस की वजह से सम्पूर्ण भारत में लॉकडाउन लागू हो जाने की वजह से लोगों के धंधे और रोजगार खत्म हो जाने से लोगों के सामने खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है. लेकिन रेलवे के द्वारा उठाये गए मदद के इस कदम से ग्रामीणों ने चैन की सांस ली हैं, इस मुश्किल भरे दौर में किसी ने उनका साथ तो दिया.

शुक्रवार को कई रेलकर्मियों ने गोद लेने के बाद  मुड़ियार गांव पहुंचकर लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक करने के साथ ही ग्रामीणों को खाद्यान्न के अलावा अन्य जरूरत का सामान भी उपलब्ध करवाया. इस दौरान शामिल हुए रेलवे के अधिकरियों ने बताया कि “गया-मुगलसराय पंडित दीनदयाल रेलखंड के कर्मियों की यह पहल है. डीडीयू  रेल मंडल की स्वीकृति से रेलकर्मियों ने इस गांव को गोद लिया है”. रेलकर्मियों ने बताया कि “लॉकडाउन के इस कठिन समय में इस गांव की सेवा की जा रही हैं और आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा”. इसके साथ ही  रेल कर्मियों ने बताया कि “ग्रामीणों की मदद के साथ मेडिकल कैम्प लगाकर चिकित्सा सेवा तथा कोरोना लेकर जागरूकता अभियान जैसी सेवाएं भी प्रदान की जा रही हैं”.