ग्रामीणों ने वर्षों से जर्जर पड़ी सड़क बनाकर की अनूठी मिसाल कायम

बगहा / पश्चिम चंपारण (TBN रिपोर्ट) | लॉकडाउन में अच्छी ख़बर बगहा से सामने आ रही है, जहां प्रवासी मजदूरों और ग्रामीणों ने श्रमदान और अर्थदान से 300 मीटर सड़क तैयार कर अनूठी मिसाल कायम की है.

बताया जा रहा है कि पश्चिम चंपारण जिला के बगहा एक प्रखंड के अन्तर्गत हरदी नदवा पंचायत में दूसरे प्रदेशों से घर लौटे श्रमिकों ने दिन रात एक कर श्रमदान और जनसहयोग से वर्षों की जर्जर सड़क का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया है जो काम अब तक यहां जनप्रतिनिधियों और सरकारी स्तर पर नहीं हो सका उसे ग्रामीणों ने पूरा कर सिस्टम को तमाचा जड़ा है .

दरअसल लॉकडाउन में कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के बीच अपने घरों को लौटे मजदूरों ने बेकार बैठने से भला कुछ कर गुजरने की ठानी. उसके बाद किसी ने ट्रैक्टर दिए तो कोई कुदाल लेकर आया और किसी ने आर्थिक मदद की तो श्रमिकों ने मुफ़्त में सोशल डिस्टेंस का ख्याल रखते श्रमदान कर वर्षों से टूटे फुटे जर्जर सड़क की मरम्मत कार्य शुरू किया और आज रामनगर प्रखंड से बगहा एक प्रखंड व लौरिया प्रखंड को सीधा जोड़ने वाली सड़क का जीर्णोधार किया है .

आपको बताएं की बरसात और बाढ़ के दिनों में इस पंचायत का आस पास के कई गावों और प्रखंड मुख्यालयों से संपर्क टूट जाता था ख़ासकर इमरजेंसी सेवा ठप्प होने से परेशानी बढ़ जाती थी जिसको लेकर ग्रामीण शाकिर अली के मन में ख्याल आया और उन्होंने आर्थिक सहयोग कर प्रवासी मजदूरों और ग्रामीणों की सहमति से सड़क निर्माण कार्य शुरू किया .

गांव के लोगों के दृढ़ संकल्प और जनसहयोग के साथ श्रमिकों ने श्रमदान कर वर्षों से जर्जर और कीचड़ मय पड़ी सड़क की सूरत बदल डाली यह सब कुछ बीते 15 दिनों में पूरा किया गया है तो अब उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले बरसात और बाढ़ के दिनों में आवाजाही में बाधा दूर होगी साथ ही खेती किसानी के लिए गन्ना ढुलाई वाले भारी वाहनों के सरपट दौड़ने के लिए मिट्टी भराई कार्य तेज़ी से पूरा किया जा रहा है जिसकी सराहना आज हर कोई करते नहीं थकता है .