सोमवार को बजट पेश करेंगे तारकिशोर, जनता को है बहुत उम्मीद

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| कल यानि शुक्रवार 25 फरवरी से बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. कुल 22 बैठकों के साथ यह सत्र 31 मार्च तक चलेगा. सोमवार 28 फरवरी को बिहार के वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद द्वारा 2022-23 का बजट (Bihar Budget 2022 will be presented by Finance Minister Tar Kishor Prasad) पेश किया जाएगा. वे लगातार दूसरी बार राज्य का बजट पेश करेंगे.

कोरोना महामारी (Corona pandemic) के कारण वैसे तो सरकार पर बहुत दवाब है लेकिन राज्य की जनता को सरकार से काफी उम्मीदें हैं. शिक्षा, रोजगार, महंगाई पलायन जैसी कई चुनौतियां आज बिहार सरकार के सामने हैं. अच्छे बजट से राज्य के विकास के सपने देखती राज्य की जनता नीतीश सरकार की ओर टकटकी लगाए बैठी है.

पिछले 5 सालों के बजट का आकार

आइए पहले जानते हैं कि पिछले 5 सालों के दौरान बिहार सरकार के बजट का आकार कितना रहा था. वित्तीय वर्ष 2017-18 में राज्य के बजट का आकर 1,60,085 लाख करोड़ रुपये था, जबकि 2018-19 के लिए यह 1,76,990 लाख करोड़ रुपये था. वित्तीय वर्ष 2019-20 में 2,00,501 लाख करोड़ रुपये; 2020-21 में 2,11,761 लाख करोड़ रुपये और 2021-22 में बजट का आकार 2,18,302 लाख करोड़ रुपये था.

इस बार कितने का हो सकता है बजट

बताया जा रहा है कि कोरोना महामारी के तीसरे लहर का राज्य की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स कहती है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के मुकाबले 2022-23 में बजट का आकार 10 प्रतिशत ज्यादा हो सकता है.

इस प्रकार केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ने, कर्ज लेने की लिमिट चार फीसदी होने और आंतरिक स्रोतों से मिले आय के आधार पर इस बार 2022-23 के लिए बजट आकार 2.40 लाख करोड़ होने का अनुमान है.

सूत्रों के मुताबिक, इस बजट में सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था के ढांचे को मजबूत करने पर फोकस कर सकती है. इसके लिए नए अस्पतालों का निर्माण, मरीजों के जांच और इलाज की सुविधाओं में बढ़ोतरी सरकार बजट में बजट में दिखाई दे सकता है.

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आने वाले वित्तीय वर्ष के बजट में डिजिटल बिहार पर जोर दिया जा सकता है. इसके अंतर्गत 6वीं व ऊपर की कक्षाओं में स्टूडेंट्स के लिए कंप्यूटर शिक्षा और ट्रेनिंग पर जोर दिया जा सकता है.

इस बजट पर केंद्र सरकार की गति शक्ति योजना का भी प्रभाव भी दिखाई देगा. इसके आधार पर नई परियोजनाएं लेने की तैयारी है. इनमें आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विषयों सड़क, बिजली, संचार क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करने का प्रावधान शामिल है.

आधी आबादी के विकास के साथ छात्राओं के लिए स्कूली शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में सहूलियत, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के दिशा में कवायद, महिला सशक्तिकरण पर जोर भी सरकार के बजट में दिखाई दे सकता है.

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बजट चाहे जो हो लेकिन राज्य की जनता सरकार से अपने लिए उम्मीदें लगाए बैठी है. महिलाओं, युवाओं, व्यापारियों आदि सभी को कल के बजट से कुछ खास की उम्मीदें हैं. महिलाओं को महंगाई से छुटकारा की उम्मीद, बेरोजगारों को रोजगार मिलने की उम्मीद, शिक्षा, व्यापारियों को आसानी से ऋण मिलने की उम्मीद, 60 साल से ज्यादा के व्यापारियों को पेंशन की उम्मीद, व्यापारियों को अपनी सुरक्षा की उम्मीद – देखते हैं तारकिशोर क्या कर पाते हैं.

बताते चलें, वित्तीय वर्ष 2021-22 में सरकारी खजाने में पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 के मुकाबले दिसंबर तक 13,000 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त जमा चुका है. इस कारण राज्य की जनता सरकार से कुछ अच्छे की उम्मीद कर सकती है.