“जनता कर्फ्यू” के दौरान हड़ताली शिक्षकों का “सेल्फी विद फैमिली” कैंपेन

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा 22 मार्च को घोषित “जनता कर्फ्यू” का समर्थन करते हुए नियोजित हड़ताली शिक्षकों ने ये ऐलान किया है कि सभी हड़ताली शिक्षक 22 मार्च को “जनता कर्फ्यू” का पूर्ण समर्थन करेंगे. कर्फ्यू के दौरान सभी हड़ताली शिक्षक परिवार के साथ अपने घरों में बंद रहकर ‘सेल्फी विद फैमिली’ कैंपेन चलाएंगे. ज्ञात हो बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति ने समान काम, समान वेतन के साथ सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की थी जो अब तक जारी है.

“जनता कर्फ्यू” के दौरान ‘सेल्फी विद फैमिली’ कैंपेन के बारे में बात करते हुए बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति कोर टीम सदस्य और टीइटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक ने बताया कि “कल जनता कर्फ्यू का पालन करते हुए लोग घरों में रहेंगे और कोरोना संबंधी एहतियातों का पालन करते हुए सोशल मीडिया पर “सेल्फी विद फैमिली” कैंपेन चलायेंगे. कैंपेन में नियोजित शिक्षक परिवार सोशल मीडिया पर सपरिवार अपनी सैल्फी डालते हुए यह घोषणा करेंगे कि उनका परिवार कोरोना आपदा और वेतन में हकमारी के खिलाफ पूरी तरह एकजुट हैं”. आगे उन्होनें कहा कि “हड़ताली शिक्षकों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता चरम पर है सरकार हड़ताली शिक्षकों से बात तक करने को तैयार नही है. जहां दूसरे राज्यों में कर्मचारियों को वहां की सरकार अग्रिम वेतन देने की घोषणा कर रही वहीं बिहार में शिक्षकों को लंबित वेतन के भी लाले हैं”.

प्रदेश अध्यक्ष मार्कंडेय पाठक ने कोरोना के बारे में बात करते हुए कहा कि  “तमाम तरह की खतरनाक संभावनाओं के बावजूद अभी तक कोरोना टेस्ट के लिए लैब तक नही खोला जा सका है. न ही बाहर से बिहार आ रहे लोगों की शिनाख्त व जांच को लेकर सरकार के पास ठोस मैकेनिज्म है. न केवल शिक्षा बल्कि सरकार आम अवाम के स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर नही है. हड़ताली शिक्षक न टूटनेवाले हैं और न ही झुकनेवाले हैं. सहायक शिक्षक राज्यकर्मी का दर्जा और पूर्ण वेतनमान और सेवाशर्त को लेकर जन एकजुटता के साथ शिक्षक हड़ताल जारी रहेगी”.

बताते चलें विश्व के सभी देश अपने नागरिकों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं. इसी क्रम में बिहार के हड़ताली नियोजित शिक्षकों के द्वारा एक अनोखी पहल की शुरुआत करते हुए अपने-अपने इलाकों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने का काम शुरु किया है. लगभग 5 लाख शिक्षक अपने-अपने इलाके में लोगो को जागरूक करने में जुट गये हैं. शिक्षकों का गुट हर वार्ड में जाकर लोगो को स्वच्छता का संदेश देकर जागरूक कर रहा है.