पटना: स्टाम्प वेंडरों पर छापा, निर्धारित मूल्य से ज्यादा में बेचते थे स्टाम्प

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | पटना के डीएम कुमार रवि के निर्देश पर पटना के ट्रेजरी ऑफिसर संजीव कुमार ने समाहरणालय परिसर स्थित अनुज्ञप्तिधारी मुद्रांक विक्रेताओं द्वारा अनियमितता बरतने एवं दलालों के माध्यम से निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर मुद्रांक बेचने की जांच की.

सूत्रों के मुताबिक, समाहरणालय परिसर में स्टांप वेंडरों के द्वारा दलालों के माध्यम से निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर मुद्रांक बेची जा रही थी. इसकी शिकायत मिलने पर डीएम ने इसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रेजरी ऑफिसर को तुरंत जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया.

इसके बाद ट्रेजरी ऑफिसर ने अचानक समाहरणालय पहुँच कर वहां पांच स्टांप वेंडरों की जांच की. जिन अनुज्ञप्ति धारी स्टांप वेंडरों की जांच की गई वह है – युगल किशोर प्रसाद, अमरेंद्र कुमार सिन्हा ,ओम प्रकाश प्रसाद, अजीत कुमार, एवं रमेश प्रसाद. इनमें से 4 अनुज्ञप्ति धारी के विरुद्ध व्यापक अनियमितता करने संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई तथा रमेश प्रसाद अनुज्ञप्ति धारी के विरुद्ध कोई अनियमितता नहीं पाई गई.

ट्रेजरी ऑफिसर ने जांच के क्रम में पाया कि स्टांप वेंडरों द्वारा दलालों के माध्यम से निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर मुद्रांकों की बिक्री मनमाने मूल्य पर किया जाता है. साथ ही यहां अन्य स्थानों से मुद्रांक लाकर भी बेची जाती है जो बिहार स्टांप मैनुअल के नियम 15 का स्पष्ट उल्लंघन है. इस क्रम में भंडार पंजी एवं बिक्री पंजी की भी जांच की गई. इसमें अनुज्ञप्तिधारी द्वारा अवैध कार्य करने तथा अनियमितता करने हेतु गलत प्रविष्टि करने संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोषागार पदाधिकारी ने इससे से संबंधित जांच प्रतिवेदन जिलाधिकारी पटना को समर्पित किया है. अपने जांच प्रतिवेदन में कोषागार पदाधिकारी ने संबंधित चारों अनुज्ञप्ति धारी स्टांप वेंडरों का लाइसेंस निलंबित करने तथा कारण पृच्छा करने की अनुशंसा की है.

डीएम ने कहा है कि किसी को भी मनमानी करने एवं अनियमितता करने की बिल्कुल छूट नहीं दी जा सकती. बल्कि दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि बिहार स्टांप एक्ट का हर हाल में अनुपालन सुनिश्चित करना है, उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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