पुलिसकर्मी शराब पीते पकड़े गए तो होंगे बर्खास्त

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद भी राज्य में शराब की तस्करी और शराब बरामदगी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं. राज्य में शराब के कई मामलों में पुलिस कर्मियों की संलिप्तता होने से पुलिस प्रशासन पर भी उँगलियाँ उठती रही हैं.

हाल ही पुलिसकर्मी भी शराब पीते पाए गए थे इसको लेकर बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए हैं.

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा है कि पुलिस अफसर या जवान कोई भी शराब पीता है या शराब के साथ पकड़ा जाता है तो सीधे उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा. किसी भी हाल में ऐसे पुलिस वालों को बख्शा नहीं जाएगा, जो शराब पीते या रखे पकड़े जाते हैं.

बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान आईजी, डीआईजी और सभी जिलों के एसएसपी और एसपी जुड़े थे. इसी दौरान डीजीपी ने लॉकडाउन के हालात पर चर्चा करने के साथ ही साथ कई आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए. डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं.

डीजीपी ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 311 में ऐसा प्रावधान है जिसके तहत बिना स्पष्टीकरण के सरकारी सेवक को गंभीर सजा दी जा सकती है. जिसमें बर्खास्तगी तक शामिल है. इसके साथ ही डीजीपी ने कहा है कि कोई भी पुलिस वाला शराब पीते पकड़ा जाता है तो उस पर उसी अनुच्छेद के तहत कार्रवाई की जाएगी.

बता दें बिहार में 5 अप्रैल 2016 में पूर्ण शराबबंदी की घोषणा एक ऐतिहासिक फैसला था. बिहार सरकार के निर्णय के बाद से बिहार के शहरी और देहाती इलाके में सभी तरह के शराबों की बिक्री पर पाबंदी लग गई थी. 1 अप्रैल से देसी शराब की बिक्री पर पाबंदी लगाई गई थी, लेकिन सिर्फ देसी शराब की बिक्री पर पाबंदी से शराब बंदी के औचित्य पर सवाल उठाए जा रहे थे. लिहाजा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साहसिक कदम उठाते हुए 5 अप्रैल से विदेशी शराबों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया था.