पटना DPS की मनमानी

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- लॉकडाउन लागू होने से लोगों के कारोबार बंद पड़े हैं, काम बंद हो जाने से लोगों के आय के श्रोत खत्म हो गए.  इसको लेकर बिहार में प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की फीस माफ़ करने के लिए लगातार मांग उठ रही है. बिहार के विभिन्न शहरों में स्कूल प्रबंधन से 1 महीने की फीस माफ करने का आग्रह किया जा रहा है.  लोगों की इस समस्या को देखते हुए बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा ने फीस की माफ़ी को लेकर प्राइवेट स्कूलों की बैठक बुलाने का निर्णय लिया है. लेकिन इसके ठीक विपरीत पटना के DPS ने सरकार के आदेश का उल्लंघन करते हुए फीस में मनमानी  बढ़ोतरी करते हुए अभिभावकों से सभी शुल्क वसूल कर लिए है. DPS ने शुक्रवार को सभी अभिभावकों के अकाउंट से सारे शुल्क एक बार में ही काट लिए हैं.

सभी अभिभावकों के अकाउंट से शुल्क कट जाने के बाद स्कूल की इस मनमानी के खिलाफ सारे अभिभावक आरडीडीई के कार्यालय में फोन करते रहे पर गुड फ्राइडे होने के कारण कार्यालय बंद था और शिकायत दर्ज नहीं हो सकी. पटना के डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने शनिवार को अपना नया स्कूल फीस का स्ट्रक्चर जारी किया था, जिसमें सरकार के आदेश का उल्लंघन करते हुए 7 फिसदी से अधिक फीस में बढ़ोतरी की गई थी.सरकार के आदेश के अनुसार स्कूल 1 साल में 7 फिसदी  से अधिक अपने फीस में बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं, लेकिन इन सब के ठीक विपरीत डीपीएस ने सरकार के आदेश को नजरअंदाज करते हुए मिसलेनियस फीस में 18.75 फिसदी और ट्रांसपोर्टेशन फीस में 17 फिसदी की बढ़ोतरी की थी. जिसके बाद स्कूल को नोटिस भेजा गया था. मगर नोटिस का जवाब तो दूर स्कूल ने एक साथ सारे फीस भी अभिभावकों से वसूल लिए.

फीस बढ़ोत्तरी को लेकर बिहार निजी विद्यालय समिती की वर्तमान गाइडलाइन के अनुसार कोई भी स्कूल 7 फिसदी से अधिक प्रबंधन शुल्क में बढ़ोतरी नहीं कर सकते हैं. यदि कोई स्कूल ऐसा कर रहा है तो अभिभावक इसकी शिकायत [email protected] पर कर सकते हैं. शिकायत दर्ज होने पर  इसकी जांच की जाएगी और सही शिकायत पाए जाने पर स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बता दें पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि ने स्कूलों में फी जमा करने को लेकर एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल पेरेंट्स के ऊपर फी जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे. इसके साथ ही कोई भी व्यक्ति अपने बच्चे का फी नहीं दे सकता है तो उनके बच्चे का एडमिशन रद्द नहीं कर  सकते हैं.