ट्रेन किराया वसूलने पर नीतीश सरकार ने केंद्र पर मढ़ा दोष

पटना (TBN रिपोर्ट) :- कोरोना के चलते लॉकडाउन की वजह से अन्य राज्यों में फंसे हुए बिहार के लोगों को अपने घर वापस पहुंचाने के केंद्रीय ग्रह मंत्रालय के आदेश पर चलाई गयी ट्रेनों में मजदूरों से ट्रेन का किराया वसूले जाने के मुद्दे पर राजनीतिक पार्टियों ने नीतीश सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है.

इसको लेकर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने आज कहा कि रेलवे मंत्रालय ने श्रमिकों से ट्रेन का किराया वसूलने को कहा है. लिहाजा बिहार सरकार पैसा ले रही है. बिहार सरकार ने फिर दुहराया है कि बिहार लौटने वाले हर व्यक्ति को ट्रेन का किराया चुकाना ही पड़ेगा.

प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने आज फिर मीडिया से बात करते हुए कहा कि रेलवे ने दिशा निर्देश जारी किया है कि उसके श्रमिक स्पेशल ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को ट्रेन का किराया देना होगा. रेलवे के उसी निर्देश के कारण बिहार सरकार वापस लौट रहे बिहारियों से पैसा ले रही है. इसलिए राज्य सरकार तो सिर्फ रेलवे के गाइडलाइंस का पालन कर रही है.

प्रत्यय अमृत ने कहा कि कल जयपुर से आयी ट्रेन से जो भी व्यक्ति लौटे उन्होंने ट्रेन का किराया दिय़ा. वहीं, केरल और कोटा से आ रहे लोग भी पैसा देकर ही ट्रेन में सवार हुए हैं. जब वे बिहार पहुंच जायेंगे तब बिहार सरकार उन्हें घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी.

बता दें नीतीश सरकार के लिए बिहार के बाहर फंसे हुए लोगों का मुद्दा फ़ज़ीहत बन गया है. पहले उनको लाने के लिए नीतीश सरकार पर जोर दिया जा रहा था उसके बाद जब केंद्र सरकार ने ट्रेन चलाने की अनुमति देकर बाहर फंसे लोगों को वापस बुलाने की मंजूरी दे दी तो नीतीश ट्रेन के किराये का दोष भी केंद्र सरकार के मत्थे मढ़ रहे हैं.