कोटा मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली

पटना (संदीप फिरोजाबादी रिपोर्ट) :- लॉकडाउन के चलते बिहार के 17 लाख से ज्यादा लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं. बिहार के करीब 11 हजार छात्र और छात्राएं राजस्थान के कोटा में भी फंसे हैं. कोटा में फंसे हुए बिहारी के छात्र-छात्राओं को बिहार वापस लाने वाले मामले पर पटना हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई एक दिन के लिए टल गयी है. पटना हाईकोर्ट में अब इस मामले पर सुनवाई के लिए कल की तारीख निश्चित की गयी है.

कोटा में फंसे हुए बिहारी छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने पटना होईकोर्ट में याचिका दायर कर बच्चों को बिहार वापस लाने की मंजूरी देने की मांग की थी. अभिभावकों द्वारा दायर याचिका में स्पष्ट किया गया था कि बिहार सरकार ने सूबे के बाहर रह रहे बिहारियों को वापस लौटने पर रोक लगा दी है. ये गलत है और बिहार सरकार को अपने राज्य के छात्र-छात्राओं के साथ ही दूसरे लोगों को वापस लाने का प्रबंध करना चाहिये”.

कोटा के मामले पर पटना हाईकोर्ट में आज सुनवाई होनी थी. इसी बीच बिहार सरकार ने जवाब दाखिल कर कहा कि, “वह केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन कर रही है. केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान लोगों की आवाजाही पर रोक लगायी है. ऐसे में दूसरे राज्यों के लोगों को बिहार वापस लाना लॉकडाउन के निर्देशों का उल्लंघन होगा”.

बिहार सरकार के जवाब के बाद पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था. लेकिन कोर्ट में आज केंद्र सरकार का जवाब नहीं पहुंचा. ऐसे में पटना हाईकोर्ट में कोटा और दूसरे राज्यों में लॉकडाउन में फंसे बिहार के छात्रों की घर वापसी के मामले पर सुनवाई कल तक के टाल दी गयी है. जस्टिस हेमंत कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कोर्ट में दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए कल तक की मोहलत दी है. हाईकोर्ट कल फिर सुनवाई करेगा.

बता दें लॉकडाउन के चलते राजस्थान के कोटा में फंसे बिहार के छात्रों का मुद्दा गर्माता जा रहा है. विपक्ष के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) समेत सभी राजनीतिक दल बाहरी राज्यों में फंसे हुए लोगों को लेकर सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं. यहाँ तक कि इस मुद्दे को लेकर आरएलएसपी अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने भी उपवास कर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था. वहीँ बिहार सरकार के मंत्री संजय कुमार झा ने कोटा मामले पर छात्रों को भरोसा दिलाते हुए घर बापसी का वादा भी किया है.