नहीं थम रहा हड़ताली शिक्षकों की मौत का सिलसिला

मुजफ्फरपुर (TBN रिपोर्ट) :- बिहार सरकार कोरोना के साथ जंग तो लड़ ही रही है वहीँ राज्य सरकार के लिए नियोजित शिक्षकों की मांगों को लेकर हड़ताल पर रहना बहुत बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. हड़ताल की अवधि में बीमारी और आर्थिक तंगी के कारण बहुत से शिक्षकों की मौत भी हो चुकी है. ऐसे में एक और नियोजित शिक्षक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. जिसके बाद लगातार हड़ताली शिक्षकों की मौत के कारण टीचरों में आक्रोश बढ़ता ही जा रहा है.

मिली जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर जिले के डुमरी मुशहरी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाने वाले एक नियोजित शिक्षक की मौत से हड़कंप मच गया है. मृतक नियोजित शिक्षक की पहचान विनोद कुमार के रूप में की गई है. यह मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्राइमरी स्कूल में पढ़ाते थे.

बता दें बता दें बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के लगभग चार लाख नियोजित शिक्षक समान काम, समान वेतन के साथ सात सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. हड़ताल ख़त्म न करने की जिद पर अड़े हुए शिक्षकों के सामने अब भूखमरी जैसी समस्या आ गयी है. लेकिन अब भी हड़ताली शिक्षक पुराने शिक्षकों की तरह वेतनमान की मांग कर रहे हैं.

बिहार शिक्षा विभाग की ओर से एक लेटर जारी कर हड़ताली नियोजित शिक्षकों को यह निर्देश दिया गया है. जिसके अनुसार जो भी शिक्षक ड्यूटी ज्वाइन करना चाहते हैं, वो अपना अभ्यावेदन व्हाट्सएप या ईमेल के माध्यम से जिला शिक्षा पदाधिकारी या जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को दे सकते हैं. हड़ताली शिक्षकों के लिए जारी इस अपील पर आक्रोश व्यक्त करते हुए बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुघन प्रसाद सिंह ने कहा है कि “शिक्षक संघ मरते दम तक संघर्ष जारी रखेगा”.