बेमौसम बारिश से हुई फसल बर्बाद

मुजफ्फरपुर (TBN रिपोर्ट) :- एक तरफ बिहार में कोरोना वायरस के कारण घोषित लॉकडाउन की वजह से लोगों को तमाम मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं दूसरी तरफ बेमौसम बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

गुरूवार की देर शाम से उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में तेज हवा के साथ जबरदस्त बारिश हो रही है. वहीं सीतामढ़ी में हुई भारी आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के साथ तेज़ बारिश से किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है.

मुजफ्फरपुर में देर शाम बाद हुई तेज बारिश किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है। जिले के हथौड़ी के नरमा में आंधी पानी के साथ ओले भी गिरे. इससे किसानों का हाल बहुत ही खराब है, आम लीची मका के फसलों को भारी नुक़सान हुआ है.

अचानक से आये मौसम में बदलाव के बीच बुधवार की तरह ही गुरुवार देर शाम एक बार फिर भीषण आंधी-पानी के साथ ओलावृष्टि हुई. आसमान में कड़कती बिजली व गिरते बड़े-बड़े पत्थरों के आकार के ओलों को देखकर आम लोग कांप उठे. मौसम के बिगड़ते मिजाज की वहज से गर्मी के इस मौसम में लोगों को ठंड का एहसास होने लगा.

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश होने आशंका है. वहीँ कुछ जगहों पर हल्की तो कुछ जगहों पर मध्यम बारिश के साथ बादल छाए रह सकते हैं. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर बताया है कि 26 से 29 अप्रैल के बीच अच्छी बारिश की संभावना, 24 व 25 अप्रैल को हल्की बारिश, 26 से 29 अप्रैल तक तेज हवा, गरज व कहीं-कहीं ओलावृष्टि के साथ अच्छी बारिश हो सकती है. मौसम की बेरूखी एवं लगातार हो रही बारिश से क्षेत्र में फसलों की बड़े पैमाने पर क्षति हुई है. खासकर गेहूं कि फसल पर इसका ब्यापक असर पड़ा है.

बहुत अधिक मात्रा में गेहूं की फसल दौनी के इंतजार में बुरी तरह भींग गई है. सभी प्रखंडों में हुई भारी वर्षा से किसानों के गेहूं और मकई के फसल को काफी नुकसान हुआ है. किसानों के 50 फीसद से अधिक गेहूं अभी खेत में लगे हुए हैं और बाकी जो खलिहान में रखे हुए थे वह भी पानी में भीग कर खराब हो गए. इससे पूर्व ओलावृष्टि के कारण मक्के एवं दहलहन की फसल को भारी नुकसान हुआ है.

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