आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का कहर, फसलों को नुकसान

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- बिहार में मौसम ने अकस्मात करवट बदल लिया और बिहार के कई जिलों में तेज़ बारिश के साथ ओले पड़ने लगे.

उत्तर बिहार में  कालबैशाखी का कहर दिखा और अचानक से आसमान में घनघोर काले बादल छा गए और तेज़ बारिश होने लगी. कई इलाकों में बारिश के साथ ओले भी पड़े. मौसम विभाग ने 20 अप्रैल को भी भारी-बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है.

बेमौसम मूसलाधार बरसात और ओले गिरने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया. किसानों ने बिना मौसम के हुई इस बरसात पर गहरी चिंता व्यक्त की है.

किसानों के अनुसार इस समय बारिश का होना हर फसल के लिए नुकसानदेय है. इस बारिश का सीधा असर इस मौसम में होने वाली फसल पर पड़ेगा. तेज आंधी-बारिश हुई ओलावृष्टि ने आम, लीची और गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया. बिहार के पूर्वी भाग में भी एक-दो जगहों पर तेज आंधी और बारिश की स्थिति रही.

मौसम विभाग की ओर से घंटे दो घंटे पर विभिन्न जिलों के लिए अलर्ट जारी किया जाता रहा. इसके साथ ही मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में ओले पड़ने की चेतावनी भी थी.

सुपौल, मधुबनी, चंपारण, सीतामढ़ी और आसपास के इलाकों में भारी ओलावृष्टि से फसलों को भारी क्षति पहुंची है.

मौसम विभाग ने पहले ही बिहार के कई हिस्सों में बारिश होने की आशंका जताई थी. मौसम विभाग के अनुसार  यह कालबैशाखी का प्रभाव है. पुरवईया हवा के कारण वातावरण में तेजी से नमी की मात्रा बढ़ी और बादल बन रहे हैं.

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर कहा है कि 20 अप्रैल को राज्य के अधिकतर हिस्सों में आंधी-बारिश की स्थिति रहेगी. कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार हवा के आसार हैं.