बिहार सरकार ने थमाया चुनावी लॉलीपॉप, शिक्षकों के साथ हुआ है छलावा

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | 74वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के सीएम नीतीश कुमार द्वारा नियोजित शिक्षकों के संदर्भ में घोषणा की गई थी. जिसके बाद आज टीईटी एसटीइटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ ने अपना क्रोध व्यक्त किया है. संघ के प्रदेश अध्यक्ष मार्कण्डेय पाठक, प्रदेश सचिव अमित कुमार, साकिर ईमाम, नाजिर हुसैन, संजीत कुमार पटेल, प्रदेश प्रवक्ता अश्विनी पांडेय ने कहा कि नीतीश कुमार का घोषणा शिक्षकों के लिए छलावा और चुनावी लॉलीपॉप के अतिरिक्त और कुछ भी नहीं है.

इसमें नया कुछ नहीं है. सेवा शर्त को लेकर की गई घोषणा 2015 की अपनी ही घोषणा की पुनरावृत्ति है, ईपीएफ को लेकर की गई घोषणा है. टीईटी, एसटीईटी उतीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट सहित अन्य शिक्षक समूह द्वारा पटना उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर आए 2019 के निर्णय को अवमानना से बचने की कोशिश है.

नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की जाने वाली घोषणा पर पलक बिछाये सूबे बिहार के चार लाख नियोजित शिक्षकों सहित चालीस लाख परिजनों को घोर निराशा हाथ लगी है. अगर सरकार यह सोचती है कि हम चुनावी लॉलीपॉप थमाकर शिक्षकों के आक्रोश को खत्म कर देंगे तो यह भूल करने की गलती ना करे. शिक्षक सरकार के द्वारा दिए गए हर अपमान, शोषण और धोखा के खिलाफ आने वाले चुनाव में बदला लेने के लिए संकल्पित हैं.

नेताओं ने चेताते हुए कहा कि माननीय सुशासन बाबू के पास शिक्षकों के साथ किए गए सभी पापों को धोने का अब भी आखरी मौका है. शिक्षक के सभी राष्ट्रीय मापदंडों को पूरा करने वाले टीईटी, एसटीइटी शिक्षकों को अलग कैडर का निर्माण करते हुए सभी नियोजित शिक्षकों के लिए नियमित शिक्षकों की
भांति हू- बहू सेवा शर्त एवं पूर्ण वेतनमान की घोषणा करें. नियोजित शिक्षकों को इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है.

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