पंडारक पुण्‍यार्क सूर्य मंदिर दर्शन के बाद नीतीश मिले अपने पुराने साथियों से

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| रविवार को बाढ़ अनुमंडल (Barh) के पंडारक प्रखंड के पंडारक गांव में द्वापरयुगीन पुण्यार्क मंदिर (Punyark Sun Temple Pandarak) में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar CM) दर्शन करने पहुंचे. उनके साथ मुंगेर के सांसद व जनता दल यू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह (Lalan Singh JDU) भी थे. दोनों ने सूर्य मंदिर में पूजा अर्चना की.

करीब 11 बजे दिन में मुख्‍यमंत्री बाढ़ पहुंचे. फिर नीतीश पंडारक स्थित द्वापरयुगीन पुण्यार्क मंदिर पहुंचे जहां करीब आधा घंटा तक मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा मंदिर का भ्रमण किया. उसके बाद वह अपने पुराने साथी जदयू नेता बबन शर्मा और भासो पहलवान के घर उनसे मुलाकात करने गए.

जदयू नेता बबन शर्मा के घर पहुंच कर नीतीश ने उनका हाल-चाल जाना. यहां बता दें, कुछ दिनों पहले बबन शर्मा की पुत्री और नाती की मौत पटना स्थित मकान में आग लगने से हो गई थी. इस घटना के बाद से ही बबन शर्मा बीमार चल रहे हैं.

बबन शर्मा से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अपने एक और मित्र भासो पहलवान के घर पहुंचे. यहां भासो पहलवान ने उन्हें एक ज्ञापन दिया. इस ज्ञापन में भासो पहलवान ने सीएम से ट्रेनों के परिचालन एवं ठहराव को लेकर बात की.

भासो ने मुख्यमंत्री से पंडारक स्‍टेशन (Pandarak Station) पर फास्‍ट पैसेंजर ट्रेनों के परिचालन एवं एक्‍सप्रेस गाड़‍ियों का ठहराव कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में कई ट्रेनों के परिचालन रद्द होने से दैनिक यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. मरीजों को इलाज कराने के लिए पटना जाना मुश्किल हो रहा है. ज्ञापन के जरिए उन्होंने हटिया-पटना कोसी एक्‍सप्रेस, दानापुर-भागलपुर इंटरसिटी सहित मोकामा-पटना फास्‍ट पैसेंजर का परिचालन के ठहराव समेत किराया कम कराने की भी मांग की है.

बेटी की दहेज हत्या में इंसाफ के लिए लगाई गुहार

पुण्‍यार्क मंदिर में जदयू के पूर्व प्रखंड अध्‍यक्ष ओमप्रकाश शर्मा की पत्‍नी सेवांती देवी ने मुख्यमंत्री से बात की. सेवांती देवी ने नीतीश कुमार से अपनी बेटी आराधना के लिए इंसाफ की मांग की. आराधना, जिसकी शादी 2015 में हुई थी, की पिछले वर्ष दहेज के लिए हत्‍या कर दी गई थी. सेवांती देवी ने मुख्यमंत्री से बताया कि पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में भी हत्‍या की पुष्टि हुई थी. उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि पुलिस की मिलीभगत से आज भी उनकी मृतक बेटी के आरोपित तीन ननद फरार हैं. इसपर नीतीश कुमार ने आश्‍वासन दिया कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.

वहां से निकलने के बाद मुख्यमंत्री पटना वापस लौट गए. उनके पंडारक भ्रमण के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. उनके साथ जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उदय कांत मिश्र, पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद थे.

जानिए द्वापरयुगीन पुण्यार्क सूर्य मंदिर के बारे में

द्वापरयुगीन पुण्यार्क मंदिर बाढ़ अनुमंडल मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर पंडारक गांव में स्थित है. यहां के बारे में बताया जाता है कि इस सूर्य मंदिर में पूजा करने से कुष्ठ रोग से मुक्ति मिलती है. पुण्यार्क सूर्य मंदिर गंगा किनारे स्थित एकमात्र मंदिर है. यहां मंदिर में सालों भर भक्तों का तांता लगा रहता है.

किदवंती है कि श्रीकृष्ण के पुत्र साम्ब ने कुष्ठ के श्राप से मुक्ति को लेकर भगवान भास्कर की अराधना की थी. इसपर भगवान सूर्य ने प्रसन्न होकर साम्ब़ से वर मांगने के लिए कहा. साम्ब ने भगवान सूर्य से अपने रोग मुक्ति की प्रार्थना की. सूर्य देव के आशीर्वाद से साम्ब कुष्ठ से मुक्त हो गए. इसके बाद साम्ब ने पंडारक में भगवान सूर्य के मंदिर का निर्माण कराया था.

पंडारक सूर्य मंदिर में सात घोड़े वाले रथ पर सवार सूर्य की प्रतिमा है. पुण्यार्क सूर्य मंदिर का गर्भ गृह सूर्य के चक्के से ढका हुआ है. बताया जाता है कि इस मंदिर में पूजा करने से शरीर की व्याधियां दूर होती हैं.

इस मंदिर में असम, बंगाल, झारखंड समेत दूरदराज के क्षेत्रों से लोग पूजा करने के लिए आते हैं. 1934 में आए भूकंप में पंडारक सूर्य मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था. इसके बाद यहां के ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया. 1973 में यहां मार्बल लगाए गए तथा बाहरी सौंदर्यीकरण का काम कराया गया.