पटना में लोगों ने ली राहत की सांस, खत्म हुई सफाईकर्मियों की हड़ताल

 

पटना (TBN रिपोर्टर) | छह दिनों में नरक बने राजधानी पटना में सफाईकर्मियों की हड़ताल आखिरकार शनिवार शाम खत्म हो गई. यूनियनों की सरकार से औपचारिक बातचीत एवं समझौता होने के बाद हड़ताल खत्म करने की घोषणा की गई. इसकी घोषणा पटना की मेयर सीट साहू ने की. इस मौके पर नगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर, नगर आयुक्त अमित कुमार पांडेय समेत नगर विकास एवं निगम के अनेक अधिकारी व सभी यूनियन के नेता मौजूद थे.
जैसा की मालूम है, पटना नगर निगम के सफाईकर्मियों ने तीन फरवरी से अपनी हड़ताल शुरू की थी. हड़ताल पर गए सफाईकर्मी डेली वेजेज स्‍टाफ की छंटनी और आउट सोर्सिंग का विरोध कर रहे थे. हड़ताल की वजह से पूरा पटना शहर नरक में तब्‍दील हो गया है. हर जगह गंदगी का अंबार लग गया है जिसे हड़ताल खत्म होने के बाद साफ करने में कम से कम एक हफ्ता का समय लग जाएगा.
जहां एक तरफ मेयर सीता साहू ने कहा कि किसी भी सफाईकर्मी को दिक्कत नहीं होगी, वहीं नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा ने पटना नगर निगम के दैनिक मजदूरों के हड़ताल को स्थगित करने का स्वागत किया है. मंत्री ने कहा कि दैनिक मजदूर हमारे परिवार के सदस्य हैं. नगर विकास विभाग और नगर निगम परिवार एक जुट होकर जनहित में बिहारवासियों की सेवा करता रहेगा. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी नगर विकास एवं आवास विभाग कर्मचारियों से समन्वय स्थापित कर सभी समस्याओं को दूर कर लेंगे. राजधानी एवं अन्य नगर निकायों की सड़कों को साफ-सुथरा करने के लिए युद्ध स्तर पर नगर निकाय काम करेगा.
दूसरी ओर, नगर विकास विभाग के सचिव आनंद किशोर ने कहा कि शहर की सफाई अतिरिक्त संसाधन लगाकर की जाएगी तथा तीन-चार दिनों में राजधानी को पूरी तरह साफ किया जाएगा.
इंटक के नेता चंद्रप्रकाश तथा यूनियन के नेता नंदकिशोर दास ने कहा कि चूंकि सफाईकर्मियों की मांगें मान ली गई हैं इसलिए सफाईकर्मियों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है. उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी के काम पर लौटने के बाद बहुत जल्द शहर पूरी तरह साफ हो जाएगा.

                                                                               : समझौते के बिंदु : 
1. निगम में कार्यरत 4300 सैनिक कर्मियों की सेवा यथावत बनी रहेगी.
2. इनके नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्व की तरह जारी रहेगी.
3. वर्तमान में करीब 500 सफाईकर्मी, जो आउटसोर्सिंग एजेंसी के द्वारा रखे गए हैं, उनके संबंध में श्रम कानून के तहत देय सुविधाएं यथा- न्यूनतम मजदूरी, ईपीएफ, कर्मचारी राज्य बीमा तथा अवकाश संबंधित नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा. इस कार्य हेतु निगम मुख्यालय स्तर पर एक सप्ताह में एक विशेष समिति (जी०आर0सी०) का गठन किया जाएगा.
4. निगम में चल रहे प्रभारी व्यवस्था को समाप्त करने हेतु रिक्तियों के विरुद्ध प्रोन्नति/समायोजन की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाएगी.
5. निगम में स्थानांतरण में पूरी तरह पारदर्शिता बरती जाएगी एवं इस संबंधी शीघ्र ही नीति का निर्धारण किया जाएगा.
6. हड़ताल अवधि के दौरान किसी तरह के दंडात्मक कार्यवाई वापस ली जाती है.
7. हड़ताल की अवधि में कर्मचारियों का वेतन कटौती नहीं की जाएगी एवं उक्त अवधि को अवकाश के दिनों में अथवा अतिरिक्त अवधि में कार्य कराकर समायोजन किया जाएगा.
8. हड़ताल अवधि में पटना नगर निगम संयुक्त समन्वय समिति के नेताओं एवं कर्मचारियों पर दर्ज किए गए मुकदमा वापस लिया जाता है.