कोसी और मिथिला के लोगों का 90 साल पुराना सपना होगा सच

पटना (TBN – The BIhar Now डेस्क) | करीब 90 साल के बाद कोसी और मिथिला के लोगों का सपना पूरा होने जा रहा है. कोसी नदी पर बने महासेतु पर जल्द ट्रेन दौड़ने वाली है. इस नए पुल पर जून महीने में ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग की जा चुकी है. महासेतु से ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही उत्तर बिहार के पिछड़े और दूरदराज़ के गांवों का 90 साल पुराना सपना सच हो जायेगा और वो आसानी से यात्रा कर पाएंगे.

बता दें कि कोसी महासेतु के साथ साथ सरायगढ़ से आसनपुर कुपहा रेलखंड का उद्घाटन 18 सितंबर को होने जा रहा है. नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिये कोसी महासेतु का उद्धघाटन करने वाले हैं. समस्तीपुर रेल मंडल के सीनियर DSP सरस्वती चंद्र के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोसी महासेतु का उद्घाटन करेंगे. साथ ही सरायगढ़ से आसनपुर कुपहा के बीच ट्रेन भी रवाना की जायेगी.

इस पुल के शुरू होने से निर्मली से सरायगढ़ की 298 किलोमीटर की दुरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह जाएगी. अभी निर्मली से सरायगढ़ तक के सफर के लिए लोगों को दरभंगा-समस्तीपुर- खगड़िया-मानसी-सहरसा होते हुए 298 किमी की दूरी तय करनी होती है. करीब दो किलोमीटर लंबे इस कोसी महासेतु को बनाने का काम 6 जून 2003 को शुरू किया गया था. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वायपेयी ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था. इस परियोजना की लागत करीब 516 करोड़ रुपये है.

इस नए पुल पर जून महीने में ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग की जा चुकी है. इस महासेतु से ट्रेनों का परिचालन शुरू होते ही उत्तर बिहार के पिछड़े और दूरस्थ गांवों का 90 साल पुराना सपना सच हो जाएगा और वो आसानी से यात्रा कर पाएंगे.

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